कासगंज में तिरंगा नहीं,भगवा झंडा लहराने के कारण हुआ हिन्दू मुस्लिम दँगा-चश्मदीद देखिए क्या कहते हैं?
कासगंज के स्थानीय निवासी बताते है कि वे तिरंगा का विरोध क्यों करेंगे? तिरंगा तो उनका है लेकिन गणतंत्र दिवस पर यहां आये हिन्दुवादी संगठनों के युवाओं द्वारा ही भगवा झण्डा लहरा रहे थे। इस घटना के चश्मदीद बताते हैं कि मुसलमानों ने खुद अब्दुल हमीद चौक पर ध्वजारोहण का कार्यक्रम रखा था था। यहां देशभक्ति का माहौल था। ऊपर तिरंगा लहरा रहा था और नीचे एक खूबसूरत रंगोली बनी थी।
वे बताते हैं कि यहां देशभक्ति गीत बज रहे थे। मुसलमानों को अपने देश से मोहब्बत है वे भी तिरंगा फहरा रहे थे। अचानक से हिन्दुवादी संगठनों का एक समूह आया जिसमें लगभग 50 बाइकें थीं। इन लोगों के पास भगवा झंडा था यह सीधे मुसलमानों के कार्यक्रम मे घुस गये।
इसी घटना के चश्मदीद मुनाजिर कहते है, “यह लोग रंगोली को बाइक से बिगाड़ने लगे और भगवा झंडे को हमारे तिरंगा से ऊंचा करने लगे। मुनाजिर बताते हैं कि हमें इस पर ऐतराज था इसलिए हमने उन्हें ऐसा करने से मना किया।” मुनाजिर ने बताया कि पहले मैंने खुद स्थानीय कोतवाल को बताया। उन्होंने कहा कि वे तुरंत आ रहे हैं, मगर उन्हें आने में देर हुई। उसके बाद यहां हिन्दू संगठनों के लड़के नारे लगाने लगे -‘हिन्दुतान में रहना होगा तो वंदेमातरम कहना होगा’। मुसलमानों ने हिंदुस्तान जिंदाबाद के नारे लगाये। हमारे पास वीडियो है, आप देख लीजिये।
मुनाजिर ने बताया कि उसके बाद वे लोग घरों में घुसने लगे और मस्जिद की तरफ भी बढ़े, बस फिर झगड़ा हो गया। बता दें कि इस घटना में एक युवक की मौत हो गई थी, अब एबीवीपी मृतक चंदन गुप्ता से पल्ला झाड़ रहा है जबकि मृतक के पिता सुभाष गुप्ता ने कहा है, “मेरा बेटा हिन्दू संगठनों से जुड़ा था, इसकी जानकारी मुझे नहीं थी।
