Header Ads

इस्लाम आतंकवाद को बढ़ावा देता है, ये पता करते-करते मैं खुद मुसलमान हो गया- अब्दुल्लाह सामौर


मैं इस्लाम को जानना चाहता था की क्या ऐसा भी कोई धर्म है जो आतंकवाद को बढ़ावा देता है। पर जब मैंने इस्लाम को जानना शुरू किया तो मेरे सामने कई ऐसी बातें आईं जिनसे मैं अनजान था। और जब मुझको इनका पता चला तो मैं सच में इससे बहुत प्रभावित हुआ और इस्लाम की बातें मुझे बहुत अच्छी लगीं।




मैं इस्लाम के बारे में और जानने का इच्छुक हो रहा था। कुछ बातें ऐसी थी की मैं डर सा गया था। उन्होंने मुझको बहुत सी ऐसी बातें बताई जैसे की मरने के बाद हमको फिर उठाया जाएगा और हमसे बहुत से सवाल पूछे जाएंगे। फिर मैं उनसे बातें करता रहता था और एक दिन मैंने शहादह पढ़ लिया। और इस्लाम क़ुबूल कर लिया था।
अस्सलामु अलैकुम वरहमतुल्लाहि वबराकातुह,
मेरा नाम अब्दल्लाह सामौर है। मैं एक महाविद्यालय में अंतरराष्ट्रीय व्यवसाय की पढाई कर रहा हूँ। मैं अपने खाली समय में में डीजे का काम करता था और मैं एक क्लब में गाना बजाता था। मैं दुनिया में जो कुछ भी चल रहा है उन सब बातों को जानने का बहुत इच्छुक था और मुझे इन सब बातों को जानना बहुत अच्छा लगता था।
धर्म के बारे में वैसे तो मैं उतना सोचता नही था पर फिर जब 11 सितम्बर का हमला हुआ, तब मीडिया और सरकार हर तरफ यही बोलते रहते की इस्लामिक आतंकवादियों ने ऐसा किया है। इस बात को सुनकर मेरे मन में कई सवाल उठने लगे और मैं मुसलमानो को जानना चाहता था की क्या सच्चाई है। क्या मुसलमान सच में ही ऐसे होते हैं। मीडिया में दिखाया जाता था की इस्लाम आतंकवाद को बढ़ावा देता है, मैं इसी बात को लेकर इस्लाम के कुछ सवाल जानना चाहता था।



मैं सोचता था की मैं ही अकेला मुसलमान हूँ जिसने इस्लाम क़ुबूल किया है। पर बाद में मुझे पता चला की बहुत से ऐसे लोग हैं जो इस्लाम में आते रहते हैं। मैं बहुत खुश भी था की मेरे समूह में और भी लोग आ रहे थे जो अभी अभी ही मुसलमान हुए थे। मैं और भी ज़्यादा प्रोत्साहित महसूस करता था। source myzavia .com Link अपनी कीमती राय ज़रूर दें, शुक्रिया! नए अपडेट पाने के लिए फेसबुक पेज ज़रूर Like करें, और अपने दोस्तों को भी दावत दें
हमारा Facebook पेज Like करने के लिए यहाँ क्लिक करें
Powered by Blogger.