बैतुल मुक़द्दस मामला- जानिये वो 9 देश जिन्होने अमेरिका के समर्थन मो वोट किया है
संयुक्त राष्ट्र के इस गैर बाध्यकारी प्रस्ताव के समर्थन में 128 देशों ने मतदान किया जबकि 35 देश ग़ैर हाज़िर रहे. 9 देशों ने प्रस्ताव के ख़िलाफ़ मतदान किया है.
अमरीका के राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने प्रस्ताव के समर्थन में मतदान करने वाले देशों के लिए आर्थिक मदद को रोक देने की धमकी दी थी.
मतदान से पहले फ़लस्तीनी विदेश मंत्री ने ‘ब्लैकमेल करने और डराने की कोशिशों’ को नकारने की अपील की थी.
इसराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा है कि वो इस नतीजे को नकारते हैं. उन्होंने संयुक्त राष्ट्र को ‘झूठ का घर’ भी कहा है.
गुरुवार को इस प्रस्ताव के पक्ष में 128 मत और विरोध में 9 मत पड़े जबकि 35 देशों ने मतदान में भाग नहीं लिया। इस प्रस्ताव के अनुसार, संयुक्त राष्ट्र संघ क़ुद्स को ज़ायोनी शासन की राजधानी के रूप में मान्यता नहीं देगा।
बुधवार को अमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रम्प ने धमकी दी थी कि वाशिंग्टन उन देशों को पैसों की मदद देना बंद कर देगा जो क़ुद्स के संबंध में उसके फ़ैसले के ख़िलाफ़ संयुक्त राष्ट्र महासभा में मतदान करेंगे।
गुरुवार को महासभा की यह बैठक, संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में क़ुद्स के संबंध में मिस्र के प्रस्ताव को अमरीका की ओर से वीटो किए जाने के बाद आयोजित हुयी।
संयुक्त राष्ट्र के इस प्रस्ताव के ख़िलाफ़ अमरीका, इसराइल, ग्वाटेमाला, होंडुरस, द मार्शल आइलैंड्स, माइक्रोनेशिया, नॉरू, पलाऊ और टोगो ने वोट किया.
इस प्रस्ताव के पक्ष में वोट करने वाले देशों में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के चार स्थायी सदस्य चीन, फ्रांस, रूस और ब्रिटेन शामिल थे. साथ ही अहम अमरीकी सहयोगियों और मुस्लिम देशों ने भी इस प्रस्ताव के ख़िलाफ वोट किया.
इस मतदान से ख़ुद को अलग रखने वाले 35 देशों में मेक्सिको और कनाडा भी शामिल थे.
