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हिंदू हो या मुस्लिम सबका दाह संस्कार होना चाहिए, किसी को गाड़ने की आवश्यकता नहीं- साक्षी महाराज


अपने विवादित बयानों को लेकर हमेशा चर्चा में बने रहने वाले मशहूर बीजेपी सांसद साक्षी महाराज भी कब्रिस्तान और श्मशान विवाद में कूद पड़े हैं।


साक्षी बोले 20 करोड़ मुस्लिम हैं, अगर सबको कब्र चाहिए तो हिन्दुस्तान में जगह कहां मिलेगी

अब साक्षी महाराज ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कब्रिस्तान और श्मशान पर दिए उस बयान पर अपनी असहमति जताई है, जिसमें उन्होंने कब्रिस्तान और श्मशान दोनों बनाने की बात कही थी।
जनता को लपेटने के लिए साक्षी महाराज ने कहा, ‘’मैं प्रधानमंत्री की बात सहमत नहीं हूं। कब्रिस्तान बनना ही नहीं चाहिए। अगर कब्रिस्तानों में हिंदुस्तान की सारी की सारी जमीन चली जाएगी तो खेती-खलिहान कहां होंगे ?’’
साक्षी महाराज ने आगे कहा, ‘’चाहे नाम कब्रिस्तान हो चाहे शमशान हो। सबका दाह संस्कार ही होना चाहिए।’’ उन्होंने कहा, ‘’किसी को गाड़ने की आवश्यकता ही नहीं है, दुनिया के बाकी मुस्लिम देशों में शवों को जलाया जाता है। उन्हें जमीन में नहीं गाड़ा जाता।’’

साक्षी ने कहा, ‘’देश में ढ़ाई करोड़ साधू हैं अगर सबकी समाधी बनेगी तो कितनी जमीन जाएगी। वहीं 20 करोड़ मुस्लिम हैं। अगर सबको कब्र चाहिए तो हिन्दुस्तान में जगह कहां मिलेगी।’’

आपको बता दे की यूपी के फतेहपुर में पिछले दिनों एक रैली को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा था। ‘’धर्म के आधार पर किसी के साथ भेदभाव नहीं होना चाहिए। यूपी में भेदभाव सबसे बड़ा संकट है। ये भेदभाव नहीं चल सकता। हर किसी को उसके हक़ का मिलना चाहिए ये सबका साथ सबका विकास होता है।”


उन्होंने कहा, “अगर होली पर बिजली मिलती है तो ईद पर भी बिजली मिलनी चाहिए। भेदभाव नहीं होना चाहिए। अगर रमजान में बिजली मिलती है तो दिवाली पर भी बिजली मिलनी चाहिए। गांव में कब्रिस्तान बनता है तो श्मशान भी बनना चाहिए।
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