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ताजमहल का भी बदलूंगा नाम, जैसे उर्दू बाजार को हिंदी बाजार कियाः योगी


नई दिल्लीः यूपी का मुख्यमंत्री बनने से पहले दिए एक इंटरव्यू में योगी आदित्यनाथ दो टूक कहते दिख रहे हैं कि वे अतीत का गौरव स्थापित करने के लिए प्राचीन धरोहरो, शहरों और स्थानों का नाम बदलने का समर्थन करते हैं। समय आने पर यह करके दिखाएंगे। समय आने से उनका संकेत है पॉवर यानी सत्ता में आने से। यह जवाब तब दिया जब जावेद नामक एक शख्स ने सवाल किया था कि उन्होंने गोरखपुर को क्यों हिंदुत्व की लैबोरेटरी बना दिया है। आखिर गोरखपुर में अलीनगर का नाम आर्यनगर और उर्दूबाजार का नाम हिंदी बाजार रखने के पीछे क्या मंशा है, यह सिलसिला कब थमेगा। अब मुख्यमंत्री बनने के बाद क्या योगी ऐसा कोई कदम उठाएंगे, इसको लेकर चर्चा शुरू हो गई है।




महज दो हफ्ते पहले की बात है। एबीपी न्यूज चैनल के गोरखपुर में हुए घोषणापत्र कार्यक्रम में योगी हिस्सा लिए थे। उस दौरान एबीपी संवाददाता जावेद ने नामों को बदलने पर सवाल पूछा तो योगी के तेवर तल्ख हो गए थे। उन्होंने जवाब देते हुए कहा कि गोरखपुर मे स्थानों का नाम बदलने का उनका फैसला सही है। उन्होंने सवाल उछालते हुए कहा कि अलीनगर का गोरखपुर से क्या नाता हो सकता है। गोरखपुर में तो आर्यनगर हो सकता है, मगर अलीनगर नहीं। योगी आदित्यनाथ ने तर्क दिया कि अतीत के गौरव के साथ वर्तमान को जुड़ना चाहिए। जब अतीत के गौरवशाली पलों के साथ वर्तमान समाज जुड़ता है तो उसके सामने ढेर सारी संभावनाएं होती हैं।


आदित्यनाथ का यह जवाब सुनकर एंकर दिबांग ने कहा-तो क्या आप ताजमहल का नाम भी बदलाव देंगे। इस पर योगी आदित्यनाथ ने कहाकि-बिल्कुल। फिर दिबांग ने पूछा कि ताजमहल का क्या नाम रखेंगे। इस पर योग ने कहा-आप बताइए, क्या नाम रखना चाहिए। दिबांग ने कहा-मैं क्यों बताऊं, इस पर योगी ने कहा कि-सबका नाम बदलेंगे, बस अनुकूल समय आने दीजिए। अब योगी आदित्यनाथ ने मुख्यमंत्री बन गए हैं, क्या वे मुगलों के जमाने में हिंदूप्रतीक स्थलों के बदले गए नाम को फिर से स्थापित कर पुरानी पहचान कायम करने की कोशिश करेंगे। यह बड़ा सवाल खड़ा हो रहा है।

देखें खबर के साथ संलग्न वीडियो।इंटरव्यू का वीडियो काफी लंबा है। मगर आप देखें-35:31/ 42:40 वाला अंश। जिसमें नाम बदलने का योगी दावा कर रहे हैं।




ताजमहल को शिवमंदिर मानते हैं योगी
दरअसल दिसंबर 2014 में योगी आदित्यनाथ का ताजमहल को लेकर दिया बयान सुर्खियों में आया था। उन्होंने कहा था कि-अगर शिया और सुन्नी वक्फ बोर्ड ताज पर दावा कर सकते हैं तो हिंदू क्यों नहीं। ताजमहल एक हिंदू मंदिर का हिस्सा था, जिसका नाम तेजो महालय था। योगी के इस बयान को तब कांग्रेस ने सांप्रदायिक ध्रुवीकरण की राजनीति कहकर भाजपा पर निशाना साधा था।
सपा विधायकों ने पूरी निधि से कर्बला बनवाया
उमेश पाठक ने सवाल किया कि आखिर वे क्यों कहते हैं कि सपा की सरकार फिर बनी तो चारोंओर कर्बला बन जाएगा। इस पर योगी ने कहा कि प्रदेश में 14 साल तक यही काम तो हुआ। सुल्तानपुर में जब वे गए तो पता चला कि यहां  के सपा विधायक ने पूरी विधायक निधि कर्बला के निर्माण में दे दिया है। जबकि वहां सड़कों का हाल बुरा है। एक सप्ताह इस गांव में अगले सप्ताह दूसरे गांव में अखिलेश सरकार ने बिजली की व्यवस्था की। यह कैसी व्यवस्था है।
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