तीन तलाक पर इलाहबाद हाई कोर्ट का बड़ा फैसला; जानिए क्या कहा…
पूरे देश में तीन तलाक का मामला रुकने का नाम नहीं ले रहा है. दिल्ली सुप्रीम कोर्ट की संवैधानिक पीठ इस मामले पर कल यानी 11 मई से सुनवाई करने जा रही है. इस से पहले इलाहबाद हाई कोर्ट ने तीन तलाक के मामले में बड़ा आदेश दिया है.
संविधान के दायरे में ही लागू हो पर्सनल लॉ …
इलाहबाद हाई कोर्ट ने तीन तलाक के मामले में बड़ा आदेश देते हुए कहा कि पर्सनल लॉ के नाम पर मुस्लिम औरतों के मूल अधिकारों का उल्लंधन नहीं किया जा सकता. इस लिए पर्सनल लॉ संविधान के दायरे में ही लागू हो. कोर्ट ने कहा कि मुस्लिम पति ऐसे तरीके से तलाक नहीं दे सकता जिससे मूल अधिकार का हनन हो. कोर्ट ने यह फैसला वाराणसी की तलाक पीड़िता सुमालिया की याचिका पर दिया.
इलाहबाद हाई कोर्ट ने तीन तलाक के मामले में बड़ा आदेश देते हुए कहा कि पर्सनल लॉ के नाम पर मुस्लिम औरतों के मूल अधिकारों का उल्लंधन नहीं किया जा सकता. इस लिए पर्सनल लॉ संविधान के दायरे में ही लागू हो. कोर्ट ने कहा कि मुस्लिम पति ऐसे तरीके से तलाक नहीं दे सकता जिससे मूल अधिकार का हनन हो. कोर्ट ने यह फैसला वाराणसी की तलाक पीड़िता सुमालिया की याचिका पर दिया.
किसी के अधिकारों का हनन न हो…
इलाहबाद हाई कोर्ट के जस्टिस एस पी शेरवानी की एक पीठ ने कहा कि पर्सनल संविधान के दायरे में ही लागू हो सकता है. और ऐसा कोई फतवा नहीं माना जायेगा जो किसी के अधिकारों के विपरीत हो. बता दें कि तीन तलाक से पीडित वाराणसी की सुमालिया ने अपने पति अकील के खिलाफ केस दर्ज कराया था!
इलाहबाद हाई कोर्ट के जस्टिस एस पी शेरवानी की एक पीठ ने कहा कि पर्सनल संविधान के दायरे में ही लागू हो सकता है. और ऐसा कोई फतवा नहीं माना जायेगा जो किसी के अधिकारों के विपरीत हो. बता दें कि तीन तलाक से पीडित वाराणसी की सुमालिया ने अपने पति अकील के खिलाफ केस दर्ज कराया था!
