पहलू खान की बूढ़ी मां का पूरी ज़िंदगी ख़र्च उठयएंगे , इमरान प्रतापगढ़ी, इस शेर के नाम एक शेयर
एक बूढी सी मां की कहानी है ये, आंसुओं संग सबको सुनानी है ये !
ख़ुशनसीबी कहूँ, बदनसीबी कहूँ, मुझको अफ़सोस मेरी ज़ुबानी है !
ख़ुशनसीबी कहूँ, बदनसीबी कहूँ, मुझको अफ़सोस मेरी ज़ुबानी है !
इस बुझी ऑंख के जुगनुओं के लिये, इसके सूखे हुए ऑंसुओं के लिये !
सिर्फ अलवर के पहलू का क़िस्सा नहीं, मेरे आंसू हैं सब पहलुओं के लिये !
सिर्फ अलवर के पहलू का क़िस्सा नहीं, मेरे आंसू हैं सब पहलुओं के लिये !
एक रोती बिलखती हुई अंधी मां, इस बुढापे में उसका सहारा गया !
गाय माता का जयकार करते हुए, गर्व से मौत के घाट उतारा गया !!
गाय माता का जयकार करते हुए, गर्व से मौत के घाट उतारा गया !!
ये तस्वीर है अलवर में मारे गये पहलू खान की 85 साल की दोनों आंख से अंधी मॉं की !
गाय के नाम आतंक मचाने वाले गाया माता के बेटों ने एक मां का बेटा छीन लिया है
गाय के नाम आतंक मचाने वाले गाया माता के बेटों ने एक मां का बेटा छीन लिया है
शर्मिंदा हूँ समाज की मरती हुई इंसानियत पर, अफसोस कि समाज के सारे ठेकेदार चुप हैं !
सरकार ने कोई मदद नहीं की है अब तक इस परिवार की, परिवार बहोत बडा है, घर की हालत बेहद ख़राब है, कमाने वाला कोई नहीं, आप सबसे गुज़ारिश है कि पहलू के परिवार की मदद के लिये हाथ आगे बढाइये !
मैं बहोत जल्द पहलू की अम्मी से मिलने जाऊँगा, और जो बन पडेगी मदद भी करूँगा, और जब तक ये ज़िंदा रहेंगी, सारी ज़िंदगी इनका ख़र्च उठाऊँगा, ये मेरा ख़ुद से वादा है
