आज़म खान ने बयां किया देश के मुसलमानों का दर्द, अगर पता होता ऐसा सुलूक होगा तो आज़ादी के दौरान ही मुस्लमान.
निर्दोषों को मारना बड़ा नेक काम है. ऐसा ककरने वालों को तो अब भारत रतन मिलनेगा.
मुस्लमान अपना देश समझ कर यहाँ रुके थे…
आज़म ने बड़े ही तल्ख अंदाज़ में कहा कि मुस्लमान यहाँ यह सुनकर रुके थे कि संविधान में सब बराबर होंगे, सभी हिंदुस्तानी होंगे,.उन्होंने कहा नेहरू जी और सरदार पटेल ने मुसलमानो को रोका था वरना वह तो पाकिस्तान जा रहे थे.उन्हें मालूम नहीं था कि उनके साथ ऐसा होगा
आज़म ने कहा “ममें पार्टी का हूँ..
राष्ट्रपति पद के लिए शिवपाल के रामनाथ कोविंद को समर्थन देने पर आजम ने जवाब दिया कि ये उनका मामला है. मेरा नाम आजम खां है और मैं समाजवादी पार्टी के साथ हूं.आजम से पूछा गया कि आप नेता जी का आदेश मानेंगे या पार्टी का तो इस पर उनका जवाब था, समाजवादी पार्टी का.
