वेस्टइंडीज में बेहतरीन प्रदर्शन के बाद अजिंक्य रहाणे ने की नई घोषणा
अजिंक्य रहाणे जो हाल ही में वेस्टइंडीज के खिलाफ सीरीज में बेहतरीन फॉर्म में रहे थे उन्होंने अपनी नई बैट लाइन लॉन्च की है जिसका नाम रिजोल्यूट रखा है। रहाणे वेस्टइंडीज के खिलाफ वनडे सीरीज में दमदार प्रदर्शन की बदौलत में मैन ऑफ द सीरीज रहे थे। रहाणे ने हाल ही में ट्विटर पर इस न्यूज की घोषणा की। रहाणे ने अपनी इस खुशी का इजहार अपनी फोटो और कैप्शन के साथ किया। उनके बैट को CEAT स्पॉन्सर करता है। ट्वीट में लिखा है, “CEAT के साथ अपनी सिग्नेचर बैट लाइन ‘Resolute’ लॉन्च करके मैं बहुत उत्साहित हूं। फोटो में हम देख सकते हैं कि रहाणे अपने नए बैट के साथ पोज दे रहे हैं जिसमें जिंक्स शब्द भी लिखा हुआ है। जिंक्स रहाणे का टीम इंडिया में निक नेम है।
जैसा कि रहाणे पहले से ही टेस्ट टीम में अपनी जगह पुख्ता कर चुके हैं हालांकि वनडे में उन्हें अपनी जगह पुख्ता करना बाकी है। समय-समय पर वनडे क्रिकेटर के रूप में उनकी काबिलियत पर सवाल उठते रहते हैं इसके चलते वह चैंपियंस ट्रॉफी के दौरान टीम इंडिया की ओर से अंतिम एकादश में शामिल नहीं किए गए थे। वैसे रहाणे टीम की ओर से योगदान देने के लिए हर फॉर्मेट में तैयार हैं। [ये भी पढ़ें: विश्व कप में 1,000 रन बनाने वाली पहली भारतीय महिला खिलाड़ी बनी मिताली राज]
रहाणे ने पीटीआई को दिए साक्षात्कार में कहा, ‘‘अगर मैं टेस्ट टीम में उप कप्तान हूं तो इसका मतलब यह नहीं कि मैं एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय मैचों में 12वें खिलाड़ी की भूमिका नहीं निभाऊंगा। जब आप अपने देश का प्रतिनिधित्व कर रहे होते हैं तो आपको वही काम करना होता है जो आपको सौंपा जाता है। जब मैं चैंपियंस ट्राफी के दौरान मैदान पर ड्रिंक्स लेकर जा रहा था तो मुझे कभी अहंकार या असुरक्षा महसूस नहीं हुआ। मैं ऐसा ही व्यक्ति हूं।’’ दाएं हाथ के इस बल्लेबाज ने वेस्टइंडीज में भारत की एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय टीम में सफल वापसी करते हुए पांच मैचों में एक शतक और तीन अर्धशतक की बदौलत 67 .20 की औसत से 336 रन बनाए।
उन्होंने कहा, ‘‘वेस्टइंडीज के खिलाफ श्रृंखला मेरे लिए विशेष थी। यह श्रृंखला मेरे एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय करियर के लिए महत्वपूर्ण थी और लगभग सभी मैचों में रन बनाना संतोषजनक अहसास है। मुझे अपनी बल्लेबाजी के विभिन्न पक्षों को दिखाने का मौका मिला।’’ रहाणे के अनुसार खेल के तकनीकी पहलुओं में बदलाव से अधिक जरूरी मानसिक तौर पर बदलाव करना है। रहाणे के अनुसार वेस्टइंडीज में खेली गई पारियां इसलिए भी विशेष थी क्योंकि वहां की पिच बल्लेबाजी के लिए पूरी तरह से अनुकूल नहीं थी, पोर्ट आफ स्पेन तथा एंटीगा की पिचों पर बल्लेबाजों को काफी परेशानी हो रही थी।
