स्टिंग ऑपरेशन में गौरक्षकों की खुल गयी पोल, 15 से 20 हजार के लिए गौरक्षक बन जाते है गौमांस के सौदागर
गौरक्षा के नाम पर जगह-जगह गुंडागर्दी और लोगों को मारने वाले गौरक्षक धड़ल्ले से बीफ़ का व्यापार चला रहे हैं जहां आप पैसे फेंकिए और अपनी इच्छा अनुसार बीफ ले जाइए।
15 से 20 हजार रुपए में गायों से भरी पूरी ट्रक सुरक्षित रवाना करवाने की जिम्मेदारी लेते इन गुंडों को दिनभर गाय ‘माता’ कहते हुए सुना जा सकता है।
TV चैनल आज तक की एक वीडियो रिपोर्ट के अनुसार उन्होंने एक ऐसे ही रैकेट का भंडाफोड़ किया है। अनगांव में गौशाला चला रहे वासुदेव पाटिल श्रीगोपाल गौशाला के संरक्षक है और वह गौरक्षा से जुड़ा एक संगठन भी चलाते हैं।
अपनी पहचान छुपाकर जब मीडिया वालों ने उनसे बात की तो उन्होंने न सिर्फ बीफ़ ले आने ले जाने के कारोबार के लिए हामी भरने लगे बल्कि अपने इस धंधे में उनको सुरक्षा का आश्वासन भी दे रहे थे।
जब यही गौ रक्षक हैं तो फिर गौ मांस का व्यापार करने के लिए इन्हें कोई और क्यों पकड़ेगा!
पाटिल भी भिवंडी हाईवे पर गौरक्षा के नाम पर लोगों पर हमले करता है और रात में पैसे लेकर एक जगह से दूसरी जगह बीफ़ सुरक्षित रवाना करता है।
ऐसे ही तमाम मामले सामने आए जबकि खुद को गौ रक्षक बताने वाले ही गौमांस तस्करी के व्यापार में लगे हैं।
अखलाक, पहलू खान और जुनैद जैसे बेकसूरों की हत्या महज इस आधार पर कर दी गई क्योंकि उनपर बीफ़ रखने या खाने का आरोप था। ऐसा करने करने के बाद अब गोरक्षकों का यह दूसरा चेहरा दिखाता है कि पहले तो ये अपने खानपान की संस्कृति दूसरों पर थोपेंगे और दूसरी तरफ चोरी-छुपे कालाबाजारी को भी बढ़ावा देंगे।
गौरक्षकों की ये गुंडई पूरी तरह से गरीब लोगों के लिए है। अगर आप पैसे वाले हैं, पैसा फेंके और गौरक्षक दल आपकी सेवा के लिए हाजिर हो जाएगा।
TV चैनल आज तक की एक वीडियो रिपोर्ट के अनुसार उन्होंने एक ऐसे ही रैकेट का भंडाफोड़ किया है। अनगांव में गौशाला चला रहे वासुदेव पाटिल श्रीगोपाल गौशाला के संरक्षक है और वह गौरक्षा से जुड़ा एक संगठन भी चलाते हैं।
अपनी पहचान छुपाकर जब मीडिया वालों ने उनसे बात की तो उन्होंने न सिर्फ बीफ़ ले आने ले जाने के कारोबार के लिए हामी भरने लगे बल्कि अपने इस धंधे में उनको सुरक्षा का आश्वासन भी दे रहे थे।
जब यही गौ रक्षक हैं तो फिर गौ मांस का व्यापार करने के लिए इन्हें कोई और क्यों पकड़ेगा!
पाटिल भी भिवंडी हाईवे पर गौरक्षा के नाम पर लोगों पर हमले करता है और रात में पैसे लेकर एक जगह से दूसरी जगह बीफ़ सुरक्षित रवाना करता है।
ऐसे ही तमाम मामले सामने आए जबकि खुद को गौ रक्षक बताने वाले ही गौमांस तस्करी के व्यापार में लगे हैं।
अखलाक, पहलू खान और जुनैद जैसे बेकसूरों की हत्या महज इस आधार पर कर दी गई क्योंकि उनपर बीफ़ रखने या खाने का आरोप था। ऐसा करने करने के बाद अब गोरक्षकों का यह दूसरा चेहरा दिखाता है कि पहले तो ये अपने खानपान की संस्कृति दूसरों पर थोपेंगे और दूसरी तरफ चोरी-छुपे कालाबाजारी को भी बढ़ावा देंगे।
गौरक्षकों की ये गुंडई पूरी तरह से गरीब लोगों के लिए है। अगर आप पैसे वाले हैं, पैसा फेंके और गौरक्षक दल आपकी सेवा के लिए हाजिर हो जाएगा।
