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वीडियोः ‘बशीरहाट मामले में आक्रोशित भीड़ से आरोपी किशोर को दो मुसलमान पड़ोसियों ने ही बचाया’


बंगाल हिंसा को लेकर लेखक और विश्लेषक अपूर्वानंद का कहना है कि बशीरहाट के मुसलमानों ने हिंसा का जो तर्क दिया वो जायज़ नहीं। यही तर्क वे लोग भी दे रहे हैं जो मुसलमानों को जगह जगह पीट कर मार रहे हैं। हिंसा तो किसी भी तरह उचित नहीं है।

उनका कहना है कि बंगाल में एक तथाकथित फेसबुक पोस्ट से शुरू हुई हिंसा को लेकर बताया जा रहा है कि यह फेसबुक पोस्ट इस्लाम के पवित्र स्थल का अपमान कर रही है और मज़ाक उड़ा रही है। यह हो सकता है। पोस्ट एक किशोर के एकाउंट से प्रसारित हो रही थी। उसे गिरफ्तार भी कर लिया गया। उपद्रवी भीड़ ने उसका घर जला दिया लेकिन नेशनल मीडिया ने एक बात नहीं बताई कि उस किशोर को उपद्रवी भीड़ से उसके ही दो मुसलमान पड़ोसियों ने बचा लिया।

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