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योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या को बनाया धर्म का अखाड़ा






केंद्र और प्रदेश में बीजेपी सरकार है और अब धीरे धीरे ये पार्टी अपनी सोच जाहिर करने लगी है. अगर उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी की बात करें तो वो राज्य की कमान संभालने से पहले कट्टर हिंदुत्व की छवि को लेकर चल रहे थे और उनके कई सारे ऐसे भाषण वाले विडियो सोशल मीडिया पर सुनने को मिल जायेंगे जो मुस्लिमों के खिलाफ जहर उगल रहे हैं. मुख्यमंत्री बनने के बाद योगी उसी कट्टर छवि को आगे बढ़ा रहे हैं.

उनकी सरकार बनने से प्रदेश हिंसा बढ़ी है और वो हैं कि मोदी के लिए 2109 में होंने वाले लोकसभा चुनाव का प्रचार करने में लगे हुए हैं. आपको बता दें कि हिन्दुओं की भावनाओं से खेलने वाले राम मंदिर मुद्दे को एक बार फिर छेड़ दिया गया है और इस बार किसी और ने नही बल्कि खुद सूबे के मुखिया आदित्यनाथ योगी ने छेड़ा है.

योगी जब से प्रदेश के मुखिया बने हैं तब से वे अयोध्या का दौरा दो बार कर चुके हैं और इस बार तो उन्होंने अयोध्या जाकर कुछ ऐसा कह दिया है जो एक खास धर्म के लोगों के लिए है. पूरा देश जानता है कि अयोध्या मन्दिर मामला बेहद संवेदनशील मामला है और इसके निर्माण को लेकर मामला सुप्रीम कोर्ट में हैं, ऐसे में बीजेपी के नेताओं ने मंदिर को लेकर बयानबाजी शुरू कर दी है जोकि संविधान के अपमान के समान है.

आपको बता दें कि 26 जुलाई को आदित्यनाथ योगी अयोध्या पहुंचे और राम मंदिर को लेकर बोलना शुरू कर दिया. उन्होंने वहां कहा कि अयोध्या ने देश को पहचान दी है और मैं अयोध्या बार बार आता रहूँगा. आपको बता दें कि सूबे का सीएम किसी धर्म का नही बल्कि प्रदेश की जनता का होता है अब चाहे वो किसी भी धर्म जाति से क्यों न हो, लेकिन योगी ने अयोध्या में कहा कि “मैं रामभक्त पहले हूँ बाकी बाद में हूँ”


इस मौके पर योगी ने अयोध्या के साधू संतो से मिलकर मंदिर निर्माण की चर्चा कर डाली जबकि मंदिर निर्माण का मामला न्यायालय में है इसके बावजूद योगी इस मुद्दे को छेदकर बिना अर्थ के हवा दे रहे हैं. आपको बता दें कि आगामी लोकसभा चुनाव 2019 में है और इसको देखते प्रचार करने के तौर पर बीजेपी एक भी मौका नही छोड़ रही.




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