ट्रिपल तलाक पर सुप्रीम कोर्ट ने लगाई रोक, मुसलमानों के लगा एक और झटका, केंद्र सरकार को कानून बनाने का दिया आदेश
11 से 18 मई तक रोजाना सुनवाई के बाद सुप्रीम कोर्ट ने ये फैसला सुनाया है. जस्टिस खेहर ने अपने फैसले में अपहोल्ड शब्द का इस्तेमाल किया है. उन्होंने कहा है कि तीन तलाक बना रहेगा. उन्होंने कहा, तीन तलाक की प्रक्रिया पर छह महीने तक रोक रहेगी. इस वक्त में सरकार को नया कानून बनाना होगा.
क्या है मामला
मार्च, 2016 में उतराखंड की शायरा बानो नामक महिला ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करके तीन तलाक, हलाला निकाह और बहु-विवाह की व्यवस्था को असंवैधानिक घोषित किए जाने की मांग की थी. बानो ने मुस्लिम पर्सनल लॉ (शरीयत) एप्लीकेशन कानून 1937 की धारा 2 की संवैधानिकता को चुनौती दी है.
कोर्ट में दाखिल याचिका में शायरा ने कहा है कि मुस्लिम महिलाओं के हाथ बंधे होते हैं और उन पर तलाक की तलवार लटकती रहती है. वहीं पति के पास निर्विवाद रूप से अधिकार होते हैं. यह भेदभाव और असमानता एकतरफा तीन बार तलाक के तौर पर सामने आती है.
