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चोटी काटने के शक में हत्यारी भीड़ ने मुस्लिम युवक को बेरहमी से पीटा: देखें विडियो







पहले गौरक्षा और अब चोटी काटने के नाम पर दलित और मुस्लिमों की हत्याओं का सिलसिला शुरु हो गया है। ताजा मामला हरियाणा के मेवात का है यहां भीड़ ने मुस्लिम समुदाय के युवक को बुरी तरह पीटा। हत्या करने पर उतारू भीड़ का आरोप था कि युवक महिलाओं की चोटी काटता है। इसको लेकर सोशल मीडिया पर वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं।

मोहम्मद जाहिद नाम के एक फेसबुक यूजर ने अपनी वॉल पर घटना से संबंधित दो-तीन वीडियो पोस्ट किए हैं। वीडियो में युवक को रस्सियों से बांधा गया है। भीड़ उस पर लात घूसों से हमला कर रही है।

मोहम्मद जाहिद ने चार विडियो फेसबुक पर पोस्ट किये है और साथ में ये बातें भी शेयर की है। देश जैसे पाषाण युग में चला गया सा लगता है। कल तक हम जिस एपीजे अब्दुल कलाम की मिसाइलों पर इतराते थे वहीं आज हम गोबर और गोमुत्र में उलझ कर रह गये हैं। इंसान से अधिक महत्वपूर्ण जानवर हो गया है।

यह सभी लक्षण पाषाण काल के ही हैं।

दरअसल यदि देश की सरकार ऐसी ही सोच और विचार की हो तो देश में और भयावह स्थिति होती है।

अफवाह बाजों की इस सरकार के रहते देश में अफवाह बाजी चरम पर है , गाय के बाद अब लोग चोंटी काटने के नाम पर भीड़ द्वारा मारे जा रहे हैं। जैसे बाल की चोंटी ना हो गयी करोड़ों का खज़ाना हो गयी।

ऐसी अफवाहें फैलीं हैं कि पहले महिला चक्कर खा कर बेहोश होती है और फिर जगती है तो उसकी चोंटी गायब।

इसी चोंटी चोर के शक में जो जिसे चाह रहा मार दे रहा है , भीड़ को एक अवसर और बहाना मिल गया एक बेकसूर इंसान को मार डालने के लिए।

खबर मेवात से फिर है जहाँ भीड़ ने दो लोगों की हत्याएँ कीं , दोनों मुसलमान थे , और दोनों को चोंटी काटने के आरोप में भीड़ ने मार डाला।

वीडियो में दिखाई दे रहे हैं हाफिज़ मोहम्मद हफीज़ जिनको भीड़ ने पीट पीट कर मार डाला।

दरअसल जब राजा नपुंसक होती है तो प्रजा बेकाबू हो ही जाती है। माब लिंचिंग के सबसे अधिक मामले भाजपा शासित झारखण्ड और हरियाणा से ही आ रहे हैं और कहना उचित ही होगा कि यहाँ के मुख्यमंत्री समेत देश का चौकीदार नपुंसक से अधिक कुछ नहीं।

सोचने की बात है कि एक “हाफिज़ ए कुरान” मोहम्मद हफीज़ को किसी की चोंटी से क्या लेना देना ? पर भीड़ कहाँ सोचती है यह सब।मुसलमान देखा , ज़हर ने काम किया और मार डाला।

यह है इस महान देश के 21 वीं सदी के हालात , हम पाकिस्तान अफगानिस्तान और सीरिया से भी बदतर स्थिति में जा रहे हैं। वहाँ भी भीड़ इस तरह किसी एक निर्दोष की हत्याएँ नहीं करतीं।

भीड़तंत्र के विरुद्ध एक होकर एक साथ आइए नहीं तो एक भी नहीं बचेंगे।

आज मुहम्मद हफीज़ है , कल मैं रहूँगा या परसों आप। मैं बड़ा कि तुम बड़े की सोच से बाहर निकलिए और आइये 6 अगस्त को जंतर मंतर पर “लहू बोल रहा है” मुहिम में शामिल होईए नहीं तो बैठकर सिर्फ़ ताली बजाइए और खुन्नस निकालिए।

सबका स्वागत है , सब आइये , सब हाथ मिलाइए। दिलों के अंदर बैठे मैल को बाहर करिए और साफ दिल से गले मिलिए नहीं तो अपने पास आने के लिए भीड़ का इंतज़ार कीजिए।

और हाँ , माब लिंचिंग में मारे गये मुसलामानों की संख्या फिलहाल तक 29 से बढ़ कर 31 हो गयी है। बधाई

#लहू_बोल_रहा_है।






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