बरेली के आला हजरत दरगाह से राष्ट्रगान न गाने का फरमान जारी
जमात रजा-ए-मुस्तफा के मीडिया प्रभारी नासिर कुरैशी ने बताया कि योगी सरकार के फैसले पर शहजादे ताजुशरिया व जमात रजा मुस्तफा के अध्यक्ष मौलाना असजद रखा खां कादरी (अजसद मियां) ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा, मदरसों के प्रबंधक, संचालक 15 अगस्त को शान से तिरंगा फहराएं। ‘सारे जहां से अच्छा हिन्दोस्तां हमारा तराना गाएं। हमेशा की तरह मिठाई बांटकर जश्न मनाएं। जंगे आजादी में जिन लोगों ने कुर्बानियां दी उनको याद करें।
उन्होंने कहा कि हिन्दुस्तान एक जम्हूरी मुल्क है। यहां पर हर मजहब और मिल्लत के लोगों को अपने मजहबी पहचान के साथ जीने का हक है। मुसलमान हर वह काम करें जिसकी शरीयत उसको इजाजत दे और जिसे मना करे उनसे परहेज करें। मुसलमान मदरसों में राष्ट्रगान न पढ़ें। जमात रजा-ए-मुस्तफा के उपाध्यक्ष सलमान हसन कादरी ने कहा कि हुकूमत का मदरसों को ऐसा आदेश देना एक साजिश है। इसलिए मदरसों को राष्ट्रगान से परहेज करने को कहा गया है।
