मदरसों के नियमो के उल्लंघन के आरोप में फंसे योगी आदित्यनाथ, इलाहाबाद हाईकोर्ट में होगी 29 को सुनवाई जानिए पूरा मामला
इलाहाबाद। इलाहाबाद हाईकोर्ट में योगी सरकार के एक और फरमान को चुनौती दी गई है। सरकार द्वारा मदरसों से स्वतंत्रता दिवस की वीडियो रिकार्डिंग और फोटोग्राफ्स मांगे जाने को लेकर कोर्ट में याचिका दाखिल की गई।
जिसमें सरकार के इस आदेश की वैधता पर सवाल खड़े किए गए।इलाहाबाद के रहने वाले नवाब महबूब ने हाईकोर्ट में चुनौती देते हुए मांग की हैं कि मदरसों के साथ भेदभाव किया जा रहा है अन्य स्कूलों से ऐसी रिपोर्ट नहीं मांगी गई है। ऐसा करना मदरसों के अनुच्छेद- 14 व 30 में मिले मूलभूत अधिकारों का उल्लंघन है। हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच इस मामले में 29 अगस्त को सुनवाई करेगी।
बता दें कि, योगी सरकार के फरमान पर मदरसा शिक्षा परिषद लखनऊ के रजिस्ट्रार ने 3 अगस्त को परिपत्र जारी कर सभी मदरसों को 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस समारोह की वीडियोग्राफी व फोटो दाखिल करने का निर्देश दिया था।
गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश मदरसा शिक्षा परिषद के रजिस्ट्रार ने ने तीन अगस्त को एक आदेश जारी कर यूपी के सभी मदरसों में इस बार पंद्रह अगस्त पर ध्वजारोहण व राष्ट्रगान कराए जाने को कहा था। आदेश में यह भी लिखा था कि मदरसों को सबूत के तौर पर वीडियो रिकार्डिंग और फोटोग्राफ्स भी सौंपने होंगे।
इस आदेश के बाद सूबे के ज़्यादातर मदरसों में राष्ट्रगान व ध्वजारोहण दोनों ही किया गया। हालांकि बरेली समेत कुछ जगहों पर इस आदेश को नहीं मानने का एलान भी किया गया था। इस पर कोर्ट ने जवाब माँगा है की तर्ज पर इस तरह का केवल मदरसों पर ही क्यों आदेश जारी करवाए गये थे क्या इस तरह किसी एक धरम पर आदेश थोपना सही है बाकि आगे देखते है कोर्ट इस पर अपना क्या फेसला सुनाता है
