योगी सरकार में अल्पसंख्यकों के साथ हो रहा अन्याय, पुलिस ने घरों में घुसकर की बदतमीजी
जांच दल ने पीड़ितों से मुलाकात करने के बाद एक जनसभा को भी संबोधित किया। इस जनसभा में जांच दल के सदस्यों ने पुलिसिया कार्रवाई की जमकर आलोचना की। सदस्यों ने बताया कि जांच दल इस घटना पर रिपोर्ट तैयार कर इस मुद्दे को मीडिया से लेकर संसद तक उठाएगा और योगी सरकार में अल्पसंख्यकों के साथ हो रहे अन्याय का पर्दाफाश करेगा।
जांच दल के सदस्यों का दावा है कि पुलिस ने बिना कारण बताए मुस्लिम घरों की तालाशी ली और महिलाओं-बुज़ुर्गों के साथ बदतमीजी की। जांच दल के सदस्यों का मानना है कि इस सर्च ऑपरेशन का मकसद मुसलमानों में नई सरकार का खौफ पैदा करना है।
इस जांच दल में मौलाना तौक़ीर रज़ा के साथ अमीक़ जामेई (कंवीनर, संविधान बचाओ देश बचाओ अभियान), राव अम्बेडकर (रूक्न, ज्वाईंट ऐक्शन कमेटी), मोहम्मद ख़ालिद (अधिवक्ता हाई कोर्ट) मोहम्मद अनस (मश्हूर जर्नलिस्ट) बाबुल सिंह (छात्र युवा अधिकार मंच) राम करण निर्मल (कंवीनर-ज्वाईंट एक्शन कमेटी) शामिल थे।
बता दें कि बीते महीने की 27 तारीख को पुलिस ने शातिर लुटेरों और वाहन चोरों की तलाश में करीब तीन घंटे तक भुलियापुर, आजादनगर, अहमदनगर के अधिकांश घरों की तलाशी ली थी। जिसके बाद स्थानीय लोगों ने पुलिस टीम पर इस सर्च ऑपरेशन के दौरान अभद्रता और तोड़फोड़ आदि के आरोप लगाए थे।
