रोहिंग्या मुसलमान पर हो रहे जुल्म के खिलाफ ब्रिटेन संघ ने उठाया आंग सान सू ची के खिलाफ सख्त कदम
देश के दूसरे सबसे बड़े ट्रेड यूनियन, कई ब्रिटिश संस्थानों का मानना है कि वे म्यांमार के दमनकारी सैन्य कट्टरता के तहत लोकतंत्र के लिए अपनी अभियान के दौरान आंग सान सू सम्मान की समीक्षा के बाद ही हटा रहे हैं।
मार्गरेट मैककी, यूनिसन के अध्यक्ष ने द गार्डियन से कहा कि “म्यांमार के रोहिंग्या की स्तिथि बहुत ही भयावह है। साथ ही उन्होंने कहा ऑंग सान सु की यूनिसन की सदस्यता को निलंबित कर दिया गया है। हम आशा करते हैं कि वह अंतरराष्ट्रीय दबाव का जवाब भी देंगी।”
इसके साथ ही लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स स्टूडेंट यूनियन ने कहा है कि वह अपने मानद अध्यक्ष पद के पूर्व राजनीतिक से अलग कर देंगे। वही इस मामले में यूनियन के महासचिव महातिर पाशा ने कहा, “हम आंग सान सू की की मानद अध्यक्षता को सक्रिय रूप से अपने मौजूदा स्थिति और नरसंहार के विरोध में निष्क्रियता के प्रतीक के रूप में निकाल देंगे।”
बताते चले की पिछले 3 दशकों में, ऑग सान सु की कई ग्लासगो, स्नान और कैम्ब्रिज सहित कई यूके विश्वविद्यालयों से मानद डिग्री से सम्मानित किया गया है।
रोहिंग्या मुसलमानों की हत्या और हिंसा पर रोक लगाने के लिए अब तक आर्कबिशप डेसमंड टूटू से लेकर मलाला यूसुफ़ज़ई तक- 12 नोबल पुरस्कार विजेता बर्मा की स्टेट काउंसलर और नोबल विजेता आंग सान सू ची से अपील कर चुके हैं। म्यांमार की सर्वोच्च नेता आंग सान सू ची दुनियाभर में म्यांमार सेना की कार्रवाही का बचाव करने की वजह से अलग-थलग पड़ती दिख रही हैं।
