मुसलमानों पर महरबान हुए RSS प्रमुख भागवत, जमकर तारीफ़ की; कहीं कोई नई चाल तो नहीं…..
उन्होंने कहा कि यह बेहद दुख की बात है कि गौरक्षा के नाम पर लोगों की हत्या की गई. किसी भी रूप में हिंसा निंदनीय है. उन्होंने कहा हमें गौरक्षा के मुद्दे को धर्म से ऊपर उठकर देखना चाहिए. भागवत ने रोहिंग्या मुसलमानों के भारत में शरण को लेकर कहा कि केरल और बंगाल के हालात आपको पता हैं. वहां जिहादी ताकतें सक्रिय हैं. हम अब तक बांग्लादेश के शरणार्थियों की समस्या से जूझ रहे हैं.
रोहिंग्या शरणार्थियों को अगर आश्रय दिया तो रोजगार पर भार और सुरक्षा पर संकट होगा. मानवता की बात ठीक है पर उसके लिए कोई अपने मानवों को समाप्त करे यह ठीक नहीं. वह वहां से यहां क्यों आए हैं. वहां क्यों नहीं रह सकते. उनकी अलगाववादी, हिंसक और आपराधिक गतिविधियां उनको वहां से बाहर निकाले जाने की वजह है.
उनके जिहादी ताकतों से संबंध वहां पर उजागर हो गए. इसलिए उस देश के शासन का रवैया भी उनके प्रति कड़ा ही है. आप को बता दें कि साल 1925 में केशव बलिराम हेडगेवार ने विजयादशमी के दिन ही आरएसएस की स्थापना की थी. इस दौरान हर साल आरएसएस शस्त्र पूजा का आयोजन करता है.
