ताजमहल ही क्यों, संसद भवन, राष्ट्रपति भवन, लालकिला सब गुलामी की निशानी है, इसे कब गिराओगे- आज़म ख़ान
आजम खान ने कहा कि गुलामी की उन तमाम निशानियों को मिटा देना चाहिए जिनसे कल के शासकों की बू आती है’। उन्होंने कहा कि ‘मुगल हिन्दुस्तान में किन हालात में आए, कौन उन्हें लेकर आया। अगर इस पर बहस होगी तो बहस में कड़वाहट आ जाएगी और लोग हमारी बात का बुरा मानेंगे। इसलिए हम कहना नहीं चाहते’
उन्होंने कहा कि ‘मैंने तो पहले ही कहा था कि सिर्फ ताजमहल ही क्यों दिल्ली का संसद, राष्ट्रपति भवन, कुतुबमीनार लाल किला और आगरा का लाल किला ये सब गुलामी की निशानियां हैं। हम बादशाह (पीएम मोदी) से अपील करते हैं और हमने छोटे बादशाह (योगी आदित्यनाथ) से तो कहा भी है कि चलो आप आगे हम आप के साथ चलेंगे। पहला फावड़ा आप का होगा दूसरा हमारा होगा।
समाजवादी पार्टी के फायरब्रांड नेता आजम खान ने कहा कि ‘मैं समझता हूं कि ये कहने के बाद क़दम पीछे हटा लेना राजनीतिक नपुंसकता है। जो लोग इसे गुलामी की निशानी कह रहे हैं उनका पूरे देश पर राज है क़ब्ज़ा है। अगर वे हिम्मत नहीं कर रहे तो इसे राजनीतिक नापुंसकता ही कहेंगे। बता दें कि भाजपा विधायक के बयान से यूपी सरकार ने किनारा कर लिया है। यूपी सरकार में पर्यटन मंत्री डॉ. रीता बहुगुणा जोशी ने संगीत सोम के बयान को व्यक्तिगत राय करार देते हुए ताजमहल को गौरव करार दिया है।
