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ऐतिहासिक होगा आला हजरत का 99 वां उर्स, विदेशी जायरीन भी होंगे शामिल






उर्स की तैयारियों को लेकर जमीयतुर्ररजा के कांफ्रेंस हॉल में बैठक का आयोजन किया गया।

बरेली। 13 नवम्बर से शुरू हो रहे आला हजरत के उर्स की तैयारियां शुरू हो गई हैं ।उर्स में देश विदेश से लाखों की तादात में जायरीन बरेली पहुंचते है। इस बार आला हजरत का 99वां उर्स होगा जो कि ऐतिहासिक होगा। उर्स की तैयारियों को लेकर जमीयतुर्ररजा के कांफ्रेंस हॉल में बैठक का आयोजन किया गया। बैठक की अध्यक्षता शहर काजी मौलाना असजद रज़ा खां ने की। बैठक में इंतेजाम और बन्दोबस्त पर विस्तार से चर्चा की गई।

अफवाहों को रोके
बैठक में उर्स प्रभारी सलमान हसन खान ने हिदायत देते हुए कहा कि उर्स ए रज़वी में प्रतिबंधित पशु के मांस का प्रयोग न हो साथ ही मांस को रजिस्टर्ड दुकान से ही खरीदा जाए और गोश्त को ले जाने के लिए यातायात के नियमों का पालन किया जाए इसके साथ ही उन्होंने कहा कि उर्स में पुलिस और प्रशासन का सहयोग करें और किसी भी तरह की अफवाह को रोकने की हर मुमकिन कोशिश की जाए।

भेजे गए पोस्टर
तीन दिवसीय उर्स ए रज़वी में देश ही नही विदेश के भी जायरीन आते है। उर्स प्रभारी ने बताया कि इंटरनेशनल उर्स को देखते हुए अमेरिका, हालेंड, साउथ अफ्रीका, इंग्लैंड, मॉरीशस, सऊदी अरब, मिस्र, श्रीलंका, जिम्बाम्बे, पाकिस्तान, बांग्लादेश और हिन्दुस्तान के विभिन्न हिस्सों में उर्स के पोस्टर और दावतनामे पोस्ट, ईमेल और सोशल मीडिया के जरिये भेजे जा रहे है।

ये होंगे कार्यक्रम

तीन दिवसीय उर्स ए रज़वी में 13 नवंबर को मुशायरा, 14 की सुबह मुस्लिम एजेंडा पेश किया जाएगा। ईशा नमाज बाद इमाम अहमद रजा कांफ्रेस का आयोजन होगा और रात को मुफ्ती-ए-आजम हिन्द के कुल शरीफ की रस्म अदा की जाएगी। 15 नवंबर की दोपहर 2.38 बजे आला हजरत का कुल शरीफ होगा और ताजुशरिया उर्स में आए अकीदतमंद और मुरीदों के लिए दुआ करेंगे।

बांटी गई जिम्मेदारी

उर्स में दुनिया भर से उलमा शामिल होंगे। इसके लिए प्रमुख लोगों को जिम्मेदारी बांटी गई। बैठक में तिलियापुर, बिधौलिया, धंतिया, खना गौटिया, फरीदपुर, अटरिया, ठिरिया निजावत खां समेत तमाम गांव के अकीदतमंद शामिल थे।




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