‘वन्दे मातरम पर सुप्रीम कोर्ट का आया बड़ा फैसला, BJP/RSS की उड़ी धज्जियाँ
आब इस संबंध में सुप्रीम कोर्ट ने बहुत ही अहम् फैसला सुना दिया है. सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली बैच ने साफ़ कर दिया है की वन्देमातरम गाना अनिवार्य नहीं है.
बैंच ने एक याचिका को ख़ारिज करते हुए कहा कि संविधान के अनुच्छेद 51A में सिर्फ़ राष्ट्रगान और राष्ट्रध्वज को बढ़ावा देने की बात कही गयी है।
बैंच ने एक याचिका को ख़ारिज करते हुए कहा कि संविधान के अनुच्छेद 51A में सिर्फ़ राष्ट्रगान और राष्ट्रध्वज को बढ़ावा देने की बात कही गयी है।
जबकि ‘वंदेमातरम’ का इसमें कोई ज़िक्र नहीं है।भारत हमेशा से ही एक धर्मनिरपेक्ष देश रहा है लेकिन भाजपा सरकार को ये मंज़ूर नहीं क्यूंकि BJP सरकार की नींव ही साम्प्रदायिक तनाव पे राखी गयी थी बाबरी विध्वंस के रूप में. भारत का नागरिक हर बात के लिए आज़ाद है और भारत का हर नागरिक देशभक्त है. BJP सरकार या भाजपा सरकार से जुड़े दल और असामाजिक तत्व कौन होते है किसी देशभक्ति का सर्टिफिकेट देने वाले.
सुप्रीम कोर्ट ने ये साफ़ कर दिया की वन्दे मातरम गाने का दबाव कोई भी भारतीय नागरिक किसी दुसरे भारतीय नागरिक पर नहीं डाल सकता. सुप्रीम कोर्ट का ये फैसला उन तमाम असामाजिक तत्वों और धर्म और देशभक्ति के नाम पर लड़वाने वालो के मुह पर एक ज़ोरदार तमाचा है.
सुप्रीम कोर्ट ने ये साफ़ कर दिया की वन्दे मातरम गाने का दबाव कोई भी भारतीय नागरिक किसी दुसरे भारतीय नागरिक पर नहीं डाल सकता. सुप्रीम कोर्ट का ये फैसला उन तमाम असामाजिक तत्वों और धर्म और देशभक्ति के नाम पर लड़वाने वालो के मुह पर एक ज़ोरदार तमाचा है.
