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सिर काटने पर कोई 5 करोड़ दे रहा है, कोई 10 करोड़, ऐसा लगता है, जैसे ये “हिंदुस्तान” नहीं “तालिबान” है- आचार्य प्रमोद






फिल्म पद्मावती पर बढ़ता विवाद काफी सुर्खियों में है। विवादों से ज्यादा भाजपा नेताओं के बयान चर्चा बटोर रहे हैं।

हरियाणा के भाजपा मीडिया प्रभारी के शर्मनाक बयान पर काल्किपीठ के आचार्य प्रमोदकृष्णन ने कहा कि, सिर काटने पे कोई 5 करोड़ दे रहा है, कोई 10 करोड़, ऐसा लगता है, जैसे ये “हिंदुस्तान” नहीं “तालिबान” है।
दरअसल करणी सेना ने निर्माता संजय लीला भंसाली और अभिनेत्री दीपिका पादुकोण का सिर काटने वालों को 5 करोड़ देने का एलान किया था।
सिर काटने पे कोई 5 करोड़ दे रहा है, कोई 10 करोड़, ऐसा लगता है, जैसे ये "हिंदुस्तान" नहीं "तालिबान" है.
इसके अलावा भाजपा मीडिया प्रमुख ने इस इनाम को दोगुना कर दिया था। ऐसा हिंदुस्तान में होना काफी शर्मनाक माना जा रहा है।

फिल्म औऱ एक्टिंग को संविधान में मिली आज़ादी ‘अभिव्यक्ति की स्वतंत्रा’ से जोड़कर देखा जाता है लेकिन ऐसे शर्मनाक बयान और कार्य लोकतंत्र में काफी शर्मनाक बोले जाते हैं।

अभी तक सरकार की ओर इनलोगों पर कोई कार्रवाई नहीं की गई है। लगातार लोगों के बोल बिगड़ते जा रहे हैं। सरकार हाथ पे हाथ धरे बैठी है।

तालिबानी शासन में ऐसे शर्मनाक कारनामें अंजाम दिए जाते हैं लेकिन एक लोकतांत्रिक देश में ऐसा होना सरकारी की नाकामी दर्शाता है।

आपको बता दें कि, मोदी सरकार ने इनपर लगाम नहीं लगाया लेकिन बीजेपी शासित प्रदेशों ने फिल्म पर बैन लगाना शुरू कर दिया।




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