सुप्रीम कोर्ट ने योगी सरकार को फटकार कहा- दुनिया में ताजमहल एक ही है, दोबारा नहीं बनेगा
खबरों के मुताबिक, सोमवार को सुप्रीम कोर्ट ने योगी सरकार द्वारा दाखिल याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि, “ताज महल एक ही है, यह एक बार बर्बाद हो गया तो फिर दोबारा नहीं बनेगा”। याचिका में सरकार ने मल्टी लेवल (बहुस्तरीय|) पार्किंग बनाने की अनुमति मांगी थी जिसे कोर्ट ने देने से साफ इंकार कर दिया है।
ताजमहल और उसके आस पास के इलाकों में ताज ट्रैपोजियम जोन की सुरक्षा के लिए यूपी सरकार द्वारा जो योजना बनाई गई है उस पर सुप्रीम कोर्ट ने अपनी नाराजगी जताते हुए कहा कि ताज महल के 500 मीटर के दायरे में गाड़ियों के चलने की पाबंदी जारी रहेगी।
वहीं सरकार ने ताजमहल के सुरक्षित क्षेत्रों में व्यापक पार्किंग बनाने के लिए 11 पेड़ों को काटने की भी अनुमति मांगी थी, जिस पर कोर्ट ने कहा कि आगरा में प्रदूषण उच्च स्तर पर है, ऐसे में यूपी सरकार को इस तरह के निर्माण कार्य करने की अनुमति नहीं दी जा सकती है। साथ ही कोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार के पास ताज महल की रक्षा के लिए कोई दीर्घकालिक योजना नहीं होने की बात कही है।
योगी सरकार ने पिछले दिनों कहा था कि पार्किंग की कमी के वजह से ताजमहल के पास यातायात की एक बड़ी परेशानी है जिसके लिए सरकार ताजमहल के पूर्वी द्वार से 1 किलोमीटर की दूरी पर बहू स्तरीय पार्किंग बनाना चाहती थी। इसी बात पर कोर्ट ने कहा कि अगर आप चाहें तो आप इसका बंदोबस्त कर सकते हैं, सिर्फ इच्छा शक्ति की जरूरत है।
ताजमहल और उसके आस पास के इलाकों में ताज ट्रैपोजियम जोन की सुरक्षा के लिए यूपी सरकार द्वारा जो योजना बनाई गई है उस पर सुप्रीम कोर्ट ने अपनी नाराजगी जताते हुए कहा कि ताज महल के 500 मीटर के दायरे में गाड़ियों के चलने की पाबंदी जारी रहेगी।
वहीं सरकार ने ताजमहल के सुरक्षित क्षेत्रों में व्यापक पार्किंग बनाने के लिए 11 पेड़ों को काटने की भी अनुमति मांगी थी, जिस पर कोर्ट ने कहा कि आगरा में प्रदूषण उच्च स्तर पर है, ऐसे में यूपी सरकार को इस तरह के निर्माण कार्य करने की अनुमति नहीं दी जा सकती है। साथ ही कोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार के पास ताज महल की रक्षा के लिए कोई दीर्घकालिक योजना नहीं होने की बात कही है।
योगी सरकार ने पिछले दिनों कहा था कि पार्किंग की कमी के वजह से ताजमहल के पास यातायात की एक बड़ी परेशानी है जिसके लिए सरकार ताजमहल के पूर्वी द्वार से 1 किलोमीटर की दूरी पर बहू स्तरीय पार्किंग बनाना चाहती थी। इसी बात पर कोर्ट ने कहा कि अगर आप चाहें तो आप इसका बंदोबस्त कर सकते हैं, सिर्फ इच्छा शक्ति की जरूरत है।
