गीता ज्ञान प्रतियोगिता में चार मुस्लिम छात्रों ने मारी बाज़ी, लेखन प्रतियोगिता में मिला पहला स्थान
दरअसल अक्षयपात्र फ़ाउंडेशन की और से गीता ज्ञान को लेकर कई प्रतियोगिताए आयोजित करायी गयी थी। जिसमें क़रीब 80 छात्र छात्राओं ने भाग लिया। गुरुवार को विजेताओं की घोषणा की गयी। इसमें एक मज़दूर के बेटे और 10वी कक्षा के छात्र नदीम खान ने लेखन प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त किया। इसके अलावा जूनियर कक्षा के छात्र माजिद खान, जाहीन नकवी और जोरबिया नागौरी ने गीता श्लोक उच्चारण प्रतियोगिता में अलग-अलग स्थान प्राप्त किया.
6699पुरस्कार वितरण के लिए पहुँचे शिक्षा मंत्री वासुदेव देवनानी ने विजेता छात्र छात्राओं को बधाई देते हुए कहा कि गीता जीवन सार है। वह जीवन जीना सिखाती है। यह सभी धर्म के लोगों के लिए उपयोगी है। आधुनिक जीवन की समस्याओं का हल केवल गीता में ही निहित है। इस दौरान उन्होंने बताया की राज्य सरकार की और से 13500 विधालयो में भागवत गीता को उपलब्ध कराया गया है।
उधर नदीम खान के पिता अशफ़ाख खान ने अपने बेटे की उपलब्धि पर ख़ुशी ज़ाहिर करते हुए कहा की उसे संस्कृत में पहले से ही रुचि है। इसलिए वह इसे पढ़ता रहता है। नदीम बड़ा होकर वैज्ञानिक बनना चाहता है। बताते चले की नदीम जयपुर के सरकारी स्कूल में पढ़ता है। वह कनौता क्षेत्र के पास बनी झुग्गीयो में रहता है। बाक़ी छात्रों में जाहिन और जोराबिया चचेरे भाई बहन है।
6699पुरस्कार वितरण के लिए पहुँचे शिक्षा मंत्री वासुदेव देवनानी ने विजेता छात्र छात्राओं को बधाई देते हुए कहा कि गीता जीवन सार है। वह जीवन जीना सिखाती है। यह सभी धर्म के लोगों के लिए उपयोगी है। आधुनिक जीवन की समस्याओं का हल केवल गीता में ही निहित है। इस दौरान उन्होंने बताया की राज्य सरकार की और से 13500 विधालयो में भागवत गीता को उपलब्ध कराया गया है।
उधर नदीम खान के पिता अशफ़ाख खान ने अपने बेटे की उपलब्धि पर ख़ुशी ज़ाहिर करते हुए कहा की उसे संस्कृत में पहले से ही रुचि है। इसलिए वह इसे पढ़ता रहता है। नदीम बड़ा होकर वैज्ञानिक बनना चाहता है। बताते चले की नदीम जयपुर के सरकारी स्कूल में पढ़ता है। वह कनौता क्षेत्र के पास बनी झुग्गीयो में रहता है। बाक़ी छात्रों में जाहिन और जोराबिया चचेरे भाई बहन है।
