बीजेपी के वरिष्ठ नेता व उपराष्ट्रपति नायडू ने मुसलमानों को लेकर दिया यह बड़ा बयान
उन्होंने कहा कि कोई भी मज़हब हिंसा व अत्याचार नहीं सिखाता, बल्कि कुछ लोग हैं जो अपने मतलब के लिए या अपने राजनितिक लक्ष्य को पूरा करने के लिए हिंसा पैदा करते हैं। समाज में खौफ और आतंक का माहौल पैदा करते हैं।
उन्होंने कहा कि अगर हम लश्करे तैबा, आइएस, तालिबान की बात करे तो क्या यह संगठनें इस्लाम धर्म को बढ़ावा दे रही हैं, बिलकुल नही, बल्कि यह अपने एजेंडे पर काम कर रही हैं। नायडू ने देश में अल्पसंख्यकों विशेषकर मुसलमानों की सेवाओं को मानते हुए कहा कि स्तंत्रता संग्राम से लेकर भारत की विकास तक में अल्पसंख्यकों की जो भागीदारी है उसको भुलाया नही जा सकता है।
उहोने कहा कि मौलाना अबुल कलाम आज़ाद, डॉक्टर ए पी जे अब्दुल कलाम, डॉक्टर जाकिर हुसैन, फखरुद्दीन अली अहमद, रफ़ी अहमद किदवाई, अशफाक़उल्ला खान, मोहम्मद हामिद अंसारी सहित न जाने कितने ऐसे किरदार हैं कि जिन्होंने देश की विकास में अहम किरदार अदा किया है।
