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तीन तलाक़ पर राज्यसभा में लाई गईं मुस्लिम महिलाएं फर्जी थीं






राज्यसभा में बुधवार को तीन तलाक पर बिल पेश करने के दौरान विपक्ष ने बिल का एक सुर में विरोध किया, जिससे बिल पास नहीं हो सका. कांग्रेस के साथ टीएमसी, एसपी और बीजेडी के सांसदों ने भी हंगामा किया. वही वोटिंग कराए जाने की भी मांग की. हंगामे को देखते हुए राज्यसभा की कार्यवाही 4 जनवरी, 2018 सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई.

वही सपा नेता नरेश अग्रवाल नेफिर बीजेपी पर निशाना साधा. उन्होंने ट्रिपल तलाक बिल पेश किए जाने के दौरान राज्यसभा में मौजूद मुस्लिम महिलाओं के बारे में कहा, ‘इसकी क्या गारंटी है कि वो मुस्लिम थीं, आपने देखा? क्या पता वो बीजेपी के महिला मोर्चा की सदस्य हों.’


वहीं कांग्रेस के नेतृत्व में 14 पार्टियां ट्रिपल तलाक बिल पर पुनर्विचार चाहती है. वहीं इसपर वित्तमंत्री अरुण जेटली ने कहा कि ये बिल लोकसभा से आया है. ऐसे में संशोधन के लिए एक दिन पहले नोटिस देना था.
उन्होंने कहा, हमें एकजुट रहना होगा. एक पार्टी बिल को खराब नहीं कर सकती. पूरा देश देख रहा है कि एक सदन में बिल का समर्थन किया गया और दूसरे सदन में विरोध किया जा रहा है. कांग्रेस ने संसदीय परंपरा को तोड़ा है. आज पहली बार संसदीय परंपराओं को तोड़ा गया है. कांग्रेस अब राज्यसभा में बिल का विरोध क्यों कर रही है, जब वो लोकसभा में इसका समर्थन कर चुकी है.




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