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एर्दोगान की बढती मक़बुलियत: तुर्की की सबसे बड़ी विपक्षी पार्टी ने राष्ट्रपति चुनाव में एर्दोगान के सामने प्रत्याशी ना उतारने का ऐलान किया






नई दिल्ली: तुर्की की दूसरी बड़ी राजनीतिक पार्टी मिल्ली जमात पार्टी (MHP) के नेता दौलत बेचाली ने ऐलान किया है कि आगामी वर्ष 2019 के राष्ट्रपति चुनाव में तय्यब एर्दोगान के सामने अपनी पार्टी से प्रत्याशी मैदान में नही उतारेंगी बल्कि तय्यब का समर्थन करेंगे।

तुर्की में फ़तहुल्लाह मोहम्मद गौलन के असफल बगावती विद्रोह के बाद तमाम राजनीतिक पार्टियाँ इसतम्बूल के ऐनी केपी मैदान में इकठ्ठा हुई थी जहां तुर्की के लोकतंत्र को बचाने के लिए तमाम दलों ने आपसी गठबंधन किया था और तुर्की को तानाशाही से बचाने के लिये ऐकता दिखाई थी।

दौलत बेचाली ने कहा कि मिल्ली हरकत पार्टी ऐनी केपी मैदान में हुए समझौते के प्रति आज भी वैसे ही वफादार है जैसे समझौते के दिन 7 अगस्त 2016 को थी,हम तुर्की के भविष्य के लिए करे गए समझौते का लिहाज करते हुए चुनाव में तय्यब एर्दोगान को समर्थन करेंगे।

मिल्ली हरकत पार्टी तुर्की सरकार का तख्ता पलटने की साज़िश करने वाले आतँकी संगठन फ़तहुल्लाह गौलन के खिलाफ कार्यवाही करने का समर्थन करती है,क्योंकि फ़तहुल्लाह तुर्की में विद्रोह फैलाने और सैना को सरकार के खिलाफ भड़काने का काम कर रहे हैं।

आक़ पार्टी के संसदीय दल के नेता बोलेंत तुरान ने दौलत बेचाली के इस फैसले का स्वागत किया है और उनके इस फैसले पर प्रशंसा करी है और कहा है कि पार्टी भी जल्दी दौलत बेचाली के इस बयान का समर्थन करेगी और आधिकारिक रूप से उनका समर्थन प्राप्त करेगी।

बोलेंत तुरान ने कहा कि राजनीतिक पार्टियों का आपस मे गठबन्धन करना उनका मौलिक अधिकार है,लोकतंत्र जनता पार्टी(CHP)पर प्रहार किया जो हमेशा आक़ पार्टी और मिल्ली हरकत पार्टी के गठबन्ध को तोड़ना चाहती है और हमले बोलती रही है-बोलेंत तुरान ने कहा राजनीतिक पार्टियों का आपस मे गठबन्धन करना उनका अधिकार है इस पर किसी को आलोचना नही क़रनी चाहिए।




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