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इतने सालों तक देश में हिन्दू महफूज़ था और अचानक भाजपा सरकार बनते ही हिन्दू ख़तरे में आ गये






800 साल मुगलों का राज रहा, 200 साल अंग्रेजों का राज रहा, 68 साल कांग्रेस का राज रहा।इतने सालों तक हिन्दू महफूज रहे और अचानक बीजेपी के 3 सालों मे ही हिन्दू खतरे में आ गये… जबकि भारत का राष्ट्रपति ओर प्रधानमंत्री हिन्दू हैं। कश्मीर छोड बाकी सभी राज्यों के मुख्य मंत्री हिन्दू हैं। भूमि-वायु-नौसेना तीनो दल के प्रमुख हिन्दू हैं। सभी राज्यों के कलक्टर और पुलिस कमिश्नर हिन्दू हैं। RAW, NIA, CBI के अध्यक्ष हिन्दू हैं…फिर भी ?वीरता इतनी की जान बचाने के लिए बेटियां ब्याह दी। अंग्रेजो ने बेटियां लेने से मना कर दिया तो सवर्ण हिन्दू युध्द हार गए और देश 7वीं बार गुलाम बन गया.

अकबर”जनवरी 1562- राजा भारमल की बेटी से अकबर की शादी (कछवाहा-अंबेर)15 नवंबर 1570- राय कल्याण सिंह की भतीजी से अकबर की शादी (राठौर-बीकानेर)1570- मालदेव की बेटी रुक्मावती का अकबर से विवाह (राठौर-जोधपुर)1573- नगरकोट के राजा जयचंद की बेटी से अकबर की शादी (नगरकोट) मार्च 1577- डूंगरपुर के रावल की बेटी से अकबर का विवाह (गहलोत-डूंगरपुर)1581- केशवदास की बेटी की अकबर से शादी (राठौर-मोरता)“जहांगीर”16 फरवरी, 1584- भगवंत दास की बेटी से राजकुमार सलीम (जहांगीर) की शादी (कछवाहा-आंबेर)1587- जोधपुर के मोटा राजा की बेटी से जहांगीर का विवाह (राठौर-जोधपुर)28 मई 1608- राजा जगत सिंह की बेटी से जहांगीर की शादी (कछवाहा-आंबेर)1 फरवरी, 1609- रामचंद्र बुंदेला की बेटी से जहांगीर का विवाह (बुंदेला, ओरछा.

“दानियाल”
2 अक्टूबर 1595- रायमल की बेटी से अकबर के बेटे दानियाल का विवाह (राठौर-जोधपुर)“परवेज”अप्रैल 1624- राजा गजसिंह की बहन से जहांगीर के बेटे राजकुमार परवेज की शादी (राठौर-जोधपुर)“सुलेमान”1654- राजा अमरसिंह की बेटी से दाराशिकोह के बेटे सुलेमान की शादी (राठौर-नागौर)“मुअज्जम”17 नवंबर 1661- किशनगढ़ के राजा रूपसिंह राठौर की बेटी से औरंगज़ेब के बेटे मो. मुअज़्ज़म की शादी (राठौर-किशनगढ़)“आजम”5 जुलाई 1678- राजा जयसिंह के बेटे कीरत सिंह की बेटी से औरंगज़ेब के बेटे मो. आज़म की शादी (कछवाहा-आंबेर)कामबख़्स”30 जुलाई 1681- अमरचंद की बेटी औरंगज़ेब के बेटे कामबख्श की शादी (शेखावत-मनोहरपुर)इतना इतिहास काफी है वीरता की कहानियों का सच जानने के लिए… मुगल जिंदा थे तब तो कुछ उखाड नहीं पाये ओर आज उनकी बनाई इमारतों पे गुस्सा उतार रहे हो… हिन्दू वीर, हिन्दू शेर, जय राजपुताना आदि संज्ञाओं से इतिहास नहीं बदल जाता।

अंग्रेजों ने कार, बस, ट्रक, फोन, पंखा, जहाज, रेलगाड़ी, रेडियो, टेलीविजन, कम्प्यूटर, प्रिंटर, चिप, वाशिंग मशीन, AC, फ्रीज़, दूरबीन, सैटेलाइट, चुम्बक, रोबोट, मैट्रो ट्रेन, बुलेट ट्रेन, कैमरा, कलक्यूलेटर… जैसे कंई आविष्कार\खोजे की, जिनके उपयोगों की वजह आज वो दुःख दर्द से पीडीत हैं, भुखमरी ओर बदहाली झेल रहे हैं, दरिद्र ओर कंगाल हैं, इनकी ऐसी खोजों की वजह से वो आज व्याकुलता से कराह रहे हैं।वही दुसरी ओर हमारे भारत देश के सर्वश्रेष्ठ, परमज्ञानी, महान “ब्राह्मणों” ने आत्मा-परमात्मा, स्वर्ग-नर्क, तंत्र-मंत्र, शुभ-अशुभ, भूत-प्रेत, चूडेल-डाकन, पवित्र-अपवित्र.

व्रत-उपवास, पूर्वजन्म-पुनर्जन्म, होम-हवन, छूत-अछूत, श्राप-वरदान, वर्ण-जाति, विशिष्ट अंग उपांग वाले देवी-देवता… जैसे कंई आविष्कार\खोजे की, जिनके उपयोगों की वजह से आज हम भारतवासी सुख शांति भरा जीवन जी रहे हैं, सभी संतुष्ट हैं, ब्राह्मणों की इन खोजों की वजह से भुखमरी की कोई समस्या ही नहीं हमारे यहाँ ओर सभी के घर धन दौलत से भरे हैं।मेरा मानना हैं अंग्रेजों को अपने आविष्कारों को छोड हमारे देश के सर्वश्रेष्ठ, परमज्ञानी, महान ब्राह्मणों के आविष्कारों को अपनाना चाहिए तब जाकर इनके दुख दर्द, शोक पिडा, आधी व्याधि का शमन होगा ओर अपनी समस्याओं से निजात पा सकेंगे।
नोट : लेखक के निजी विचार हैं, इस में किसी का कोई सरोकार नहीं है.!
साभार--thelallutop.com




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