उज्जैन: ट्रिपल तलाक बिल के विरोध में हजारों मुस्लिम महिलाएं उतरीं सड़कों पर
इस मौन रैली में शामिल महिलाओं का कहना है कि वे मुस्लिम पर्सनल बोर्ड के साथ हैं और जबरन उन पर थोपे जा रहे नए कानून का वे विरोध करती हैं. उन्होंने विरोधस्वरूप एक ज्ञापन भी सौंपा. साथ ही कहा कि राष्ट्रपति ने जो बयान दिया है हम उसकी निंदा करते है. हम गुलाम नहीं आजाद है.
राष्ट्रपति के बयान का विरोध करते हुए मुस्लिम महिलाओं ने कहा कि हमारे कुरान ने आजादी दी है. हम सड़कों पर आ गए है ये हमारी आजादी है. इसलिए हम बिल को नामंजूर करते है. राष्ट्रपति जी को अपना बयान वापस लेना चाहिए.
महिलाओं ने तख्तियां थामे हुई थी. जिन पर लिखा था कि इस्लामी शरीयत हमारा एजाज है. ‘इस्लामी शरीयत ही हमारी इज्जत है’. इसके अलावा ‘हम पर्सनल लॉ बोर्ड के साथ हैं तीन तलाक कानून वापस लो’ जैसे नारे भी लिखे हुए थे.
इस दौरान शहरकाजी खुलीकुर्रेहमान ने कहा कि हर मजहब का आदमी अपने महजब को मानने के लिए आजाद है. हम अल्लाह का दिया हुआ कानून मानेंगे. सरकार जो कानून बना रही है हम उसे नहीं मानेंगे. अगर मुस्लिम महिलाओ को हक नहीं मिलता तो वे सड़कों पर नहीं आती.
