धार्मिक स्थलों पर लाउडस्पीकर का विरोध करने वाले जावेद अख्तर पर भड़के मौलाना, दिया यह बयान
मौलाना ने कहा है कि सुप्रीम कोर्ट फैसला करे कि लाउडस्पीकर पूरे भारत से ही हटा दिए जाएं, तो उसकी बात मान ली जाएगी, लेकिन जावेद अख्तर इस बारे में सवाल उठाने वाले कौन होते हैं।
मौलाना ने ये बातें गुरुवार (8 फरवारी) को समाचार चैनल टाइम्स नाउ से कहीं। दरअसल, बुधवार (7 फरवरी) को जावेद अख्तर ने साल भर पहले गायक सोनू निगम द्वारा लाउडस्पीकर को लेकर उठाए गए मुद्दे का समर्थन करते हुए ट्वीट किया था।
जिसे लेकर वह आलोचकों और अपने प्रशंसकों के निशाने पर आ गए। जावेद अख्तर ने ट्वीट में लिखा था- ”मैं बताना चाहता हूं कि मैं सोनू निगम समेत उन सभी लोंगों से पूर्णतया सहमत हूं जो चाहते हैं कि मस्जिदों और रिहायशी इलाकों के किसी भी धार्मिक स्थल पर लाउडस्पीकर नहीं होना चाहिए।”
लाउडस्पीकर को लेकर जावेद अख्तर के विचारों पर लोगों के मिली जुली प्रतिक्रियाएं आ रही हैं। दिलचस्प बात यह भी है कि जावेद अख्तर ज्यादातर कमेंट्स का जवाब भी दे रहे हैं। आशीष कुमार एके नाम के यूजर ने लिखा- ”वैसे तो आपके इस ट्वीट से ही आपके इरादे पता चल गए थे मगर बाकियों के ट्वीट देखकर आपके पाखंड के बारे में पता चल गया।”
इस कमेंट के जवाब में जावेद अख्तर ने लिखा- मैं हर गलत बात के खिलाफ आवाज उठाता हूं। मुश्किल यही है कि आप दूसरों की गलती तो मान सकते हैं मगर अपनी नहीं।
समीरा फरीद ने सवाल करते हुए लिखा कि सिर्फ नाम के मुसलमानों पर लानत हैं। भारत में लाउडस्पीकर अशिष्ट गानों के लिए इस्तेमाल हो सकता है।
इस पर जावेद अख्तर ने जवाब दिया- ”समीरा बीबी क्या आप ये जानती है के यही लाउडस्पीकर इसी मुल्क में कोई पचास बरस पहले तक मुल्लाओं ने हराम करार दिया था। आपने तब वो मान लिया था। कभी अपनी अक्ल भी इस्तेमाल कीजिए।”
बता दें कि लाउडस्पीकर को लेकर साल भर पहले देशभर में बहस तब छिड़ गई थी जब गायक सोनू निगम ने ट्वीट कर इसके कारण होने वाली परेशानी का हवाला देते हुए कहा था- ‘जब मोहम्मद साहब ने इस्लाम की स्थापना की थी, तब बिजली नहीं थी।
फिर एडिसन के आविष्कार के बाद ऐसे चोंचलों की क्या जरूरत।’ सोनू निगम को इस ट्वीट के बाद भारी फजीहत का सामना करना पड़ा था। रोष में आकर उन्होंने ट्वीटर अकाउंट छोड़ दिया था और धमकियों के जवाब में अपना सिर मुंडवा लिया था।
