‘कासगंज हिंसा में 30-40 मुस्लिम गायब’ प्रशासन कर रहा है एक तरफा कार्यवाही
तभीततिरंगा यात्रा आ गई। पत्रिका टीम को युवा अकबर अंसारी ने बताया कि हमारे मोहल्ले के 30-40 मुस्लिम गायब हैं। उन्हें कौन ले गया, हमें नहीं पता।
हमें किसी का सपोर्ट नहीं है
अंसारी ने कहा- हम दंगे करने वाले नहीं हैं। सब शरीफ लोग हैं। सबके कारोबार हैं। उनके हाथों में डंडे थे। भगवा झंडे थे। कहा कि ये झंडा इस तिरंगे के साथ लहराओ।
हमारा तो कोई कॉलम नहीं बनता है। हम तो भगवा कभी नहीं फहराएंगे, चाहे कोई कितना भी प्रेशर बना ले। हम अपने दम पर जीते हैं। न हमें किसी का सपोर्ट है। न एमपी, एमएलए, न मुख्यमंत्री पूछ रहा है कि तुम्हारे साथ क्या हुआ।
इस मोहल्ले से जो हाथ में आया, सबको उठा लिया है चार दिन से घर वाले परेशान हैं, मिला ही नहीं हैं। 31 जेल भेज दिए हैं। मोहल्ले के 30-40 लोग गायब हैं, जिनका कोई पता नहीं है।
अगर खुद चले गए होंगे तो घर वालों को तो बताएंगे। दो लोग दूध लेने गए थे। अभी तक नहीं आए। ये क्या तरीका है?
चंद लड़कों ने अफरा-तफरी मचा दी
अंसारी ने घटना का जिक्र करते हुए कहा कि हम रंगोली बना रहे थे। यहां पर आकर विरोध किया। तिरंगे का विरोध किया। हमारे पास सीसीटीवी कैमरे की क्लिप है।
हर मीडिया अपने तरीके से चला रहा है। हम आगे से ज्यादा कैमरे लगाएंगे। रैली निकालनी है तो रोड से निकालो, गलियों में क्या काम है रैली निकालने का।
चंद लड़के थे, जिन्होंने पूरे शहर में अफरातफरी मचा दी। हमारे पास हिन्दू भी रहते हैं। हमारे मोहल्ले में चीजें बेचते हैं, हम खाते हैं। आज तक कोई बात नहीं हुई है।
इस घटना के बाद हम अपने घरों में बैठ गए। हिन्दू परिवार अब भी ठेलें लगा रहे हैं। कोई दिक्कत नहीं है। हमारा कोई मतलब ही नहीं है, हम क्यों लड़ेंगे किसी से। सब भाई हैं अपने। चांद मियां ने कहा कि लड़ाई झगड़ा यहां के सांसद राजवीर उर्फ राजू भैया के बयानों से बढ़ा है।
हमें किसी का सपोर्ट नहीं है
अंसारी ने कहा- हम दंगे करने वाले नहीं हैं। सब शरीफ लोग हैं। सबके कारोबार हैं। उनके हाथों में डंडे थे। भगवा झंडे थे। कहा कि ये झंडा इस तिरंगे के साथ लहराओ।
हमारा तो कोई कॉलम नहीं बनता है। हम तो भगवा कभी नहीं फहराएंगे, चाहे कोई कितना भी प्रेशर बना ले। हम अपने दम पर जीते हैं। न हमें किसी का सपोर्ट है। न एमपी, एमएलए, न मुख्यमंत्री पूछ रहा है कि तुम्हारे साथ क्या हुआ।
इस मोहल्ले से जो हाथ में आया, सबको उठा लिया है चार दिन से घर वाले परेशान हैं, मिला ही नहीं हैं। 31 जेल भेज दिए हैं। मोहल्ले के 30-40 लोग गायब हैं, जिनका कोई पता नहीं है।
अगर खुद चले गए होंगे तो घर वालों को तो बताएंगे। दो लोग दूध लेने गए थे। अभी तक नहीं आए। ये क्या तरीका है?
चंद लड़कों ने अफरा-तफरी मचा दी
अंसारी ने घटना का जिक्र करते हुए कहा कि हम रंगोली बना रहे थे। यहां पर आकर विरोध किया। तिरंगे का विरोध किया। हमारे पास सीसीटीवी कैमरे की क्लिप है।
हर मीडिया अपने तरीके से चला रहा है। हम आगे से ज्यादा कैमरे लगाएंगे। रैली निकालनी है तो रोड से निकालो, गलियों में क्या काम है रैली निकालने का।
चंद लड़के थे, जिन्होंने पूरे शहर में अफरातफरी मचा दी। हमारे पास हिन्दू भी रहते हैं। हमारे मोहल्ले में चीजें बेचते हैं, हम खाते हैं। आज तक कोई बात नहीं हुई है।
इस घटना के बाद हम अपने घरों में बैठ गए। हिन्दू परिवार अब भी ठेलें लगा रहे हैं। कोई दिक्कत नहीं है। हमारा कोई मतलब ही नहीं है, हम क्यों लड़ेंगे किसी से। सब भाई हैं अपने। चांद मियां ने कहा कि लड़ाई झगड़ा यहां के सांसद राजवीर उर्फ राजू भैया के बयानों से बढ़ा है।
