कासगंज दंगे का पूरा सच खोलने वाला CCTV वीडियो : नफरत फैलाने वाले बेनकाब !

यह वीडियो हिंसा भड़कने के ठीक पहले का है। ये वीडियो उसी मोहल्ले में लगे किसी घर के CCTV कैमरे में कैद हुआ।जब पूरे देश में इस बात पर बहस चल रही थी कि पहले गलती मुसलमानों ने की या फिर हिन्दुओं ने… तब इस घर में रहने वाले लोगों ने अपने घर की सीसीटीवी फुटेज देखी और इस वीडियो में दंगे के असली गुनहगारों का पर्दाफाश हो गया। पहले आप ये वीडियो देखिए यह वीडियो हिंसा भड़कने के ठीक पहले का है। ये वीडियो उसी मोहल्ले में लगे किसी घर के CCTV कैमरे में कैद हुआ।जब पूरे देश में इस बात पर बहस चल रही थी कि पहले गलती मुसलमानों ने की या फिर हिन्दुओं ने… तब इस घर में रहने वाले लोगों ने अपने घर की सीसीटीवी फुटेज देखी और इस वीडियो में दंगे के असली गुनहगारों का पर्दाफाश हो गया। पहले आप ये वीडियो देखिए –
ये वीडियो अचानक से सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। हालांकि नवभारत टाइम्स का ये दावा है कि ये वीडियो सबसे पहले उनके पास कासगंज से किसी शख्स ने अपना नाम गुप्त रखने की शर्त पर भेजा। फिलहाल ये वीडियो अब सोशल मीडिया पर हर जगह देखा जा सकता है।
एनबीटी की रिपोर्ट के मुताबिक ये सीसीटीवी फुटेज हुल्का मोहल्ले के वीर अब्दुल हमीद चौक का वीडियो है। सीसीटीवी फुटेज में गणतंत्र दिवस के दिन सुबह सुबह हुक्का मोहल्ले में चहल-पहल का माहौल दिख रहा है। कुछ लोग झंडोत्तोलन की तैयारी कर रहे हैं।
चूंकि सड़क के बीच में तिरंगा फहराया जा रहा था, इसलिए लोगों ने उन्हें वहां से जाने से रोका। कहा जा रहा है कि रैलीवाले नौजवानों से झंडोत्तोलन में शामिल होने की भी अपील की गयी। लेकिन वो अपनी ज़िद पर अड़े रहे। धीरे धीरे बात बिगड़ती है और सीसीटीवी फुटेज में मारपीट दिखने लगती है।
अब ये वीडियो पुलिस के पास भी पहुंच चुका है। पुलिस इसकी जांच में जुट चुकी है। लेकिन इस वीडियो ने एक नहीं कई बड़े सवाल खड़े किए हैं। क्या कासगंज हिंसा पहले से प्री-प्लान थी ? जो खुद को देशभक्त और तिरंगे के पहरेदार बता रहे थे क्या उन्होंने मुहल्ले में हो रहे झंडोतोलन को नहीं देखा। क्या ये तेरा झंडा और मेरा झंडा की लड़ाई हो गई थी ? सवाल ये भी है कि क्या खुद को देशभक्त बताने वाले लोग वहां हिंसा करने के मकसद से ही आए थे ? सवाल कई है और जवाब अब आपको ढूंढना है कि हम देशभक्ति के नाम पर किस तरफ जा रहे हैं।
चूंकि सड़क के बीच में तिरंगा फहराया जा रहा था, इसलिए लोगों ने उन्हें वहां से जाने से रोका। कहा जा रहा है कि रैलीवाले नौजवानों से झंडोत्तोलन में शामिल होने की भी अपील की गयी। लेकिन वो अपनी ज़िद पर अड़े रहे। धीरे धीरे बात बिगड़ती है और सीसीटीवी फुटेज में मारपीट दिखने लगती है।
अब ये वीडियो पुलिस के पास भी पहुंच चुका है। पुलिस इसकी जांच में जुट चुकी है। लेकिन इस वीडियो ने एक नहीं कई बड़े सवाल खड़े किए हैं। क्या कासगंज हिंसा पहले से प्री-प्लान थी ? जो खुद को देशभक्त और तिरंगे के पहरेदार बता रहे थे क्या उन्होंने मुहल्ले में हो रहे झंडोतोलन को नहीं देखा। क्या ये तेरा झंडा और मेरा झंडा की लड़ाई हो गई थी ? सवाल ये भी है कि क्या खुद को देशभक्त बताने वाले लोग वहां हिंसा करने के मकसद से ही आए थे ? सवाल कई है और जवाब अब आपको ढूंढना है कि हम देशभक्ति के नाम पर किस तरफ जा रहे हैं।