शर्मनाक: शहीद मोजाहिद को सलामी देने नहीं पहुंचा नीतीश और मोदी सरकार का कोई मंत्री
इस मामले में ऑल इंडिया मजलिसे इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के प्रमुख असुदुद्दीन ओवैसी ने ट्वीट कर सवाल किया, ‘बिहार के पीरो जिले में रहने वाले सीपीआरपीएफ के शहीद जवान मुजाहिद खान के परिवार से मिलने नीतीश कुमार का एक भी मंत्री नहीं आया.’
#WATCH People pay tribute to CRPF Jawan Mujahid Khan in Bihar's Arrah. He lost his life in Srinagar's #KaranNagar encounter. pic.twitter.com/5VbcfI8kFb
— ANI (@ANI) February 14, 2018
इसके अलावा बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने बिहार सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि बिहार के दो जाबांज सैनिक वीरगति को प्राप्त हुए लेकिन नीतीश सरकार का एक भी मंत्री जवानों को श्रद्धांजलि देने किए अंतिम संस्कार में सम्मिलित नहीं हुए. उन्होंने लिखा कि नीतीश जी संघ के वकील न बनें. ये राजनीतिक आरोप नहीं शहीदों के सम्मान की बात है.
इसी के साथ नीतीश सरकार ने शहीद को मुआवजा देने में भी भेदभाव किया. जिसके चलते परिजनों ने मुआवजा लेने से भी इनकार कर दिया. दरअसल, जिलाधिकारी की ओर से सैनिक कल्याण कोष की चिट्ठी के साथ पांच लाख रुपये का चेक परिजनों को भेजा गया था, जिसे उन्होंने लेने से इनकार कर दिया.
शहीद मोजाहिद के बड़े भाई इम्तियाज ने कहा कि उन्हें अपने छोटे भाई की शहादत पर गर्व है, लेकिन शहादत कब तक यूं ही बेकार जाती रहेगी. उन्होंने कहा कि ‘मेरा भाई शराब पीकर नहीं मरा है, बल्कि शहीद हुआ है. ऐसे में इतनी छोटी सी सरकारी मदद की कोई जरूरत नहीं है.’
