तुर्की ने सीरिया में 947 आतँकवादी मार गिराये-15 तुर्की फ़ौजी भी हुए शहीद
तुर्की फ़ौज की तरफ से गिरफ्तार ज़िंदा या मुर्दा आतंकवादियों या तुर्की फ़ौज के सामने हथियार ड़ालने वालों के लिये एक विशेष शब्द का प्रयोग किया जारहा है जिसको अप्रत्याशित से परिभाषित किया जासकता है,जबकि इस शब्द का प्रयोग आतंकवादियों के लिये किया जाता है।
तुर्की मिल्ट्री के मुताबिक़ कल रात हवाई हमलों में 12 आतंकवादियों को क़ब्ज़े में लिया गया है,तथा इसके अलावा रविवार को आज़ाद सीरियाई फ़ौज और तुर्की फ़ौज ने मिलकर पश्चिमी भाग के एक गाँव को आतंकवादियों के क़ब्ज़े से मुक्त कराया है।
तुर्की न्यूज़ एजेंसी के मुताबिक सीरिया में तुर्की की तरफ से चल रहे शाख़ ज़ैतून में पिछले दिनों दो तुर्की फौजी शहीद हुए हैं जिसके बाद शहीद होने वाले फौजियों की संख्या 15 तक पहुंच गई है।
NYT acknowledges Al Qaeda in Syria is fighting with the Turks in Afrin. https://t.co/k7b3QPU9aQ
— Max Abrahms (@MaxAbrahms) February 4, 2018
मिशन शाख़ ज़ैतून नामी अभियान तुर्की की तरफ से सीरिया के आफ़रीन प्रांत में PKK/PYD/YPG/KCK/और ISIS के आतंकवादियों के ख़िलाफ़ अभियान 20 जनवरी से शुरू किया गया था।
Turkey says it has suffered its deadliest day yet in northern Syria since launching its offensive against YPG fighters. https://t.co/YfKZOzkKMo
— Al Jazeera English (@AJEnglish) February 4, 2018
तुर्की फ़ौज के प्रमुख ने बयान दिया है कि शाख़ ज़ैतून का मक़सद तुर्की की सीमाओं को सुरक्षित करना और शक्तिशाली बनाना है और इसके साथ साथ सीरियाई जनता को आतँकवाद के ज़ुल्म और अत्याचार से बचाना ताकि जनता को आतँकवाद से बचाया जासके।
तुर्की फ़ौज के प्रमुख ने बताया कि ये ऑपरेशन अंतरराष्ट्रीय क़ानून और UN सेक्यूरिटी कॉउंसिल के धाराओं के फ्रेमवर्क में रहते हुए तुर्की के अधिकारों के अंतर्गत किया जारहा है।संयुक्तराष्ट्र संघ के चार्टर के मुताबिक़ किसी भी देश को अपने बचाव के लिये ये हक़ है लेकिम तुर्की इसके साथ सीरिया को तबाह होने से भी बचाना ज़रूरी है,मिल्ट्री ने ये बात कही है कि इस बात को विशेष रूप से ध्यान में रखा गया है कि किसी भी सिविलियन को नुकसान नही पहुंचना चाहिए।
