Video:92 के दँगोँ में एक मुस्लिम परिवार इस सेलिब्रिटी की जान बचाई थी- इसी लिये 24 सालों से हर साल रमज़ान में एक रोज़ा रखता है
प्रशासन लगातार शांति कायम करने की कोशिशें कर रहा है। इंटरव्यू में शेफ विकास खन्ना ने बताया- ”एक होटल था यहां पर शीरॉक्स, 1992 में मुझे मौका मिला यहां काम करने का रूम सर्विस में, दंगों के दौरान। मैं आया बॉम्बे 1 नवंबर को, होटल में ज्वाइन किया, वह इस इंडस्ट्री में काम करने का मेरा सबसे निर्णायक पल था। और पहली बार घर से निकले बच्चों को पता भी नहीं होता, मैं शीरॉक्स में काम कर रहा हूं और क्या हो गया कि राइट्स हो रहे थे तो कर्फ्यू लग गया।
हर जगह दंगे-फसाद हो रहे थे। एक क्रॉस सेक्शन था बहुत ज्यादा। वहां पे एक मुस्लिम फैमिली में… उन्होंने कहा- ”क्या कर रहे हो बेटा?” मैंने कहा मेरा भाई घाटकोपर में है, रास्ता नहीं समझ आ रहा मेरे को। मुझे चलते-चलते दो-ढाई घंटे हो चुके थे। उन्होंने कहा- ”अंदर आ, बाहर मोब है।” तो उस टाइम भीड़ घर पर आ गई पूछने के लिए कि ये बेटा किसका है? तो उनके घर में मुझे अच्छी तरह याद है, दो बेटे, एक बेटी और उनका जमाई भी उनके घर में था। उन्होंने कहा कि ये मेरा बेटा है, अभी बाहर से आया है। उन्होंने पूछा- ”मुस्लिम है?” उन्होंने कहा- ”हां।” वो आजतक मैं नहीं भूला।
