ताजमहल पर योगी सरकार ने हिंदूवादी नेताओं को दिया झटका-कहा मक़बरा है शिवालय नही
बता दें कि बीजेपी और कई हिंदूवादी नेता ताजमहल को लेकर दावा कर रहे थे कि ये मकबरा नहीं बल्कि ‘तेजो महालय’ है. बीजेपी के राज्यसभा सांसद विनय कटियार ने भी ताजमहल को तेजो महालय कहा था।
बता दें कि अधिवक्ता राजेश कुलश्रेष्ठ ने 8 अप्रैल 2015 को अदालत में एक याचिका दायर की थी, जिसमें कहा गया था कि ताजमहल मंदिर है. उन्होंने अपनी याचिका में ताज महल को होने का दावा किया था।
ASI has finally declared that Taj Mahal is a tomb, not a Shiva temple.https://t.co/kZvUeM88sf
— India Today (@IndiaToday) February 20, 2018
इस मामले में प्रतिवादी के रूप में सरकार और पुरातत्व विभाग ने 19 फरवरी 2018 को अपना जवाब दाखिल किया है. सरकार व पुरातत्व विभाग ने अपना जवाब सिविल जज थर्ड सीनियर डिविजन में दाखिल किया है. जवाब में साफ कहा गया है कि ताजमहल शिवालय है ऐसा कोई सबूत नहीं है।
सरकार और पुरातत्व विभाग की ओर से दायर किए जवाब में ये भी कहा गया है कि शाहजहां ने अपनी बेगम मुमताज़ की याद में ताजमहल बनवाया था. इस संबंध में कई शासनादेश और कई सबूत भी हैं. ताजमहल एक संरक्षित स्मारक और भारत सरकार की संपत्ति है. मुद्दई द्वारा फूलपत्ती, कलश आदि का जो अर्थ लगाया गया है वह काल्पनिक है इसका कोई सबूत और दस्तावेज नहीं है. इस तरह ताजमहल मंदिर नहीं बल्कि मकबरा है।
गौरतलब है कि ताजमहल को मुगल बादशाह शाहजहां ने1628-1658 में अपने बेगम मुमताज महल की याद में मकबरा बनवाया था.
