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सीरिया के अफ्रिन में विद्रोहियों के खिलाफ लड़ाई में अब तक इतने तुर्की सैनिकों की मौत






उत्तर पश्चिमी सीरिया के अफ्रिन क्षेत्र में आज हुई झड़पों में तुर्की के आठ सैनिक मारे गए और 13 अन्य घायल हो गए। तुर्की की सेना ने इस बात की जानकारी दी। सेना ने कहा कि इन झड़पों में घायल हुये सैनिकों को इलाज के लिये सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है। इस संबंध में विस्तृत जानकारी अभी सामने नहीं आयी है। उल्लेखनीय है कि तुर्की ने जनवरी माह के दौरान अफ्रिन क्षेत्र में अमेरिका द्वारा समर्थित कुर्द वाईपीजी विद्रोहियों के खिलाफ एक आक्रामक अभियान शुरू किया था।

तुर्की वाईपीजी विद्रोहियों के संगठन को कुर्दिस्तान वर्कर्स पार्टी (पीकेके) से जुड़ा एक आतंकवादी संगठन मानता है, जिसने तुकीर् के खिलाफ पिछले तीन दशकों से विद्रोह किया हुआ है।

स्थानीय मीडिया के मुताबिक तुर्की की सेना ने इस अभियान में अब तक 115 रणनीतिक ठिकानों और 87 गांवों पर कब्जा कर लिया है। सीरिया संकट में दुनिया की महाशक्तियां भी शामिल हो गई हैं। इनमें से कुछ राष्ट्रपति बशर अल असद का समर्थन कर रही हैं तो कुछ उनके ख़िलाफ संघर्ष छेड़ने वाले असंख्य विद्रोही गुटों के पक्ष में हैं।

सीरिया में विद्रोह शुरू होने के समय से ही तुर्की सरकार असद की कड़ी आलोचक रही है। राष्ट्रपति एर्डोगन कह चुके हैं कि सीरियाई जनता के लिए एक ऐसे तानाशाह को सहन करना असंभव है जिसकी वजह से साढ़े तीन लाख लोगों की मौत हुई है। तुर्की सीरियाई विपक्ष के प्रमुख समर्थकों में से एक है और उसे क़रीब 20 लाख शरणार्थियों को पनाह देनी पड़ी है।


लेकिन विद्रोही लड़ाकों, हथियारों की खेप और शरणार्थियों को अपने इलाक़े में अनुमति देने से आईएस में शामिल होने वाले भी इसे ट्रांज़िट रूट की तरह इस्तेमाल कर रहे हैं। बीती जुलाई में आईएस के एक हमले के बाद तुर्की ने अपने एक एयर बेस को सीरिया के ख़िलाफ़ बमबारी करने के लिए इस्तेमाल करने की इजाज़त दी है।

हालांकि वह सीरियन कुर्दिश पॉपुलर प्रोटेक्शन यूनिट (वाईपीजी) को दिए जा रहे गठबंधन देशों के समर्थन का आलोचक है।वाईपीजी तुर्किश कुर्दिस्तान वर्कर्स पार्टी (पीकेके) से संबंधित है और जिसे तुर्की, ईयू और अमरीका एक चरमपंथी संगठन मानते हैं।




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