वसीम रिजवी का बेतुका बयान – क़ुतुब मीनार सहित नौ मस्जिदें हिंदुओं को सौंपी जाए
रिजवी का दावा है कि ये सभी मस्जिदे मंदिरों को तोड़कर बनाई गई. रिजवी ने दावा किया कि राम मंदिर को तुड़वाकर बाबरी मस्जिद बनाई गई, केशव देव मंदिर को औरंगजेब ने तुड़वाकर मस्जिद बनवाई थी, फिरोज शाह तुगलक ने अटाला देव मंदिर तुड़वाकर अटाला मस्जिद बनवाई थी, काशी विश्वनाथ मंदिर को तोड़कर ज्ञानवापी मस्जिद बनवाई गई थी, गुजरात के भटना में रुद्रा महालया मंदिर को तुड़वाकर अलाउद्दीन खिलजी ने जामी मस्जिद बनवाई थी, गुजरात के अहमदाबाद में भद्रकाली मस्जिद को तुड़वाकर अहमदशाह ने जामा मस्जिद बनवाई, पश्चिम बंगाल के पंडुवा में हिंदू व बुद्ध मंदिरों को तुड़वाकर अदीना मस्जिद बनवाई, औरगंजेब ने मध्य प्रदेश के विदिशा में विजयामंदिर को तोड़कर वीजामंडल मस्जिद बनवाई और मस्जिद कुवतुल इस्लाम व कुतुब मीनार जैन मंदिरों को तोड़कर कुतुबउद्दीन ऐबक ने बनवाया था.
हालांकि इस सबंध में ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड को लिखे पत्र में वे अपने दावे को साबित करने के लिए कोई आधार पेश नहीं कर पाए. वहीँ बोर्ड के सचिव जफरयाब जिलानी का कहना है कि ऐसा कोई भी पत्र अभी उनको नहीं मिला है. अगर मिलता है तो बोर्ड रिजवी पर कानूनी कार्रवाई करेगा. देश में ऐसा कानून है कि 15 अगस्त 1947 के बाद से हर धार्मिक स्थल की यथास्थिति बरकरार रखी जाएगी.
इससे पहले 11 फरवरी को एक पत्र में वह ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड को आतंकवादी संगठन बता चुके है. जिसको लेकर भी बवाल मचा था. ध्यान देने वाली बात ये है कि रिजवी को खुद उनके शिया समुदाय में भी समर्थन नहीं मिलता है. शिया धर्मगुरु मौलाना कल्बे जव्वाद कई बार रिजवी पर भ्रष्टाचार का आरोप भी लगा चुके हैं.
शिया उलेमाओं का कहना है कि रिजवी भाजपा को खुश करने और अपने सियासी वजूद को बनाने के लिए इस तरह की बातें कह रहे हैं.
